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एक मुख्यमंत्री ऐसा भी जिनकी बहन बेचती है फूल और प्रशाद, जीती है साधारण जिंदगी!

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के परिवार की इस सदस्य को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत से फोटो और पोस्ट शेयर किये जा रहे है! जी हाँ हम बात कर रहे है योगी आदित्यनाथ की बड़ी बहन की जिनके बारे में बताया जा रहा है की उनके भाई योगी जी मुख्यमंत्री है लेकिन उनकी बड़ी बहन आज भी फूल बेचकर अपना और अपने परिवार का गुजरा करती है! एक नजर में इस खबर को किसी को भी यकीं नहीं होगा और उसके मन में कई सवाल उठेंगे की भला किसी राज्य के मुख्यमंत्री की बहन फूल क्यों बेचेगी!

क्या कीजियेगा लोगो की धरना ऐसी ही बन गई है की परिवार का कोई सदस्य बड़ा नेता या किसी राज्य का मुख्यमंत्री बन गया तो उसकी साथ पुस्तो को काम करने की जरूरत नहीं है और उनके परिवार के लोग घर बैठे बिना काम किये ऐसो आराम की जिंदगी व्यतीत करेंगे! ऐसी धरना के पीछे कई ऐसे राजनीतिक परिवार उदाहरण भी है जो एक बार सत्ता में आते है तो उनके पुरे परिवार का बेडा पार हो जाता है! और पूरी पार्टी के अहम् पदों पर परिवार के सदस्यों को नियुक्त कर देते है!

लेकिन इस देश में कुछ नेता ऐसे भी है जो बिना किसी लालच के और अपने परिवार को फायदा पहुचाये बिना देश की सेवा कर रहे है! और ऐसे नेताओ में से एक उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी है! जिन्होंने बहुत पहले अपने परिवार का त्याग कर अपना जीवन लोगो की सेवा में समर्पित कर दिया था!

योगी आदित्यनाथ की बड़ी बहन को लेकर वायरल हो रही खबरों की पड़ताल ABP न्यूज़ ने किया है, न्यूज़ की रिपोर्टर नॉएडा से चलकर पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड पहुँचती है योगी जी के बहन से मिलने! जब रिपोर्टर वह पहुँचती है तो उन्होंने देखा की वाकई योगी जी की बड़ी बहन आज भी अपने पति के साथ एक दुकान चलती है और फूल बेचकर अपना और अपने परिवार का जीवन यापन कर रही है!

देखिये ABP न्यूज़ की पड़ताल का वीडियो:-

जब रिपोर्टर ने पूछा की आप किसी को ये नहीं बताते की आप योगी जी की बहन है, तो उनका सीधा जबाब था की हमने कभी किसी को नहीं बताया की योगी जी मेरे भाई है! फिर रिपोर्टर ने पूछा की आप आखरी बार योगी जी से कब मिली तो उन्होंने खा कि जब योगी जी चुनाव प्रचार में आये थे उत्तराखंड तो हमलोग फरवरी में उनसे मिले थे! योगी जी की सादगी और उनके परिवार की त्याग की कहानी हमेशा याद राखी जाएगी! धन्य है योगी जी जिन्होंने अपना जीवन जान सेवा को समर्पित कर दिया!

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अस्पताल आये शहीद के परिवार को पहचानने के बाद डॉक्टर ने की ऐसी घोषणा, जो बड़े हॉस्पिटल सोच.. भी नहीं सकते!

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संगीता जब अपने बेटे के साथ इलाज कराने अस्पताल पहुंची थीं तो उन्हें भी ये मालूम नहीं था कि उनके परिवार को आजीवन मुफ्त चिकित्सा की सुविधा मिलेगी लेकिन जैसे ही डॉक्टर ने उन्हें पहचाना न केवल मुफ्त में इलाज किया बल्कि आजीवन मुफ्त चिकित्सा करने की घोषणा कर डाली!

वाक्या बिहार के भोजपुर जिले से जुड़़ा है! पिछले वर्ष कश्मीर के उरी सेक्टर में हुए आतंकवादी हमले में शहीद भारत के 17 जवानों में भोजपुर जिले का एक जवान भी शहीद हुआ था! इस जवान का नाम अशोक सिंह है! अशोक भोजपुर जिले के पीरो प्रखंड के जितौरा पंचायत के रकटु टोला निवासी थे! शहीद अशोक कुमार सिंह की पत्नी संगीता जो कि रकटु टोला, जितौरा, की रहने वाली हैं बुधवार को अपने बच्चे के साथ इलाज के लिये दुलौर स्थित राजेंद्र अस्पताल पहुंची थी!

जब अस्पताल के निदेशक डॉक्टर अनिल को इस बात का पता चला कि वो शहीद अशोक की पत्नी हैं उन्होंने न केवल उनका मुफ्त में इलाज किया बल्कि आजीवन अपने अस्पताल में मुफ्त इलाज करने की घोषणा की! इसके लिये डॉक्टर अनिल ने बकायदा एक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जिसमें शहीद की पत्नी को मुफ्त में चिकित्सा के अलावा दवा और जांच में भी दी जाने वाली छूट का जिक्र था!

देखिये डॉक्टर द्वारा लिखित दिया हुआ घोषणा पत्र:-

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ट्रिपल तलाक: रिपोर्टिंग के दौरान AMU में महिला रिपोर्टर से बदसलूकी, अंसारी जी देख लो मुस्लिम कितने डरे हुए है!

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अलीगढ: कल 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ट्रिपल तलाक को असावधानिक करार दिया, इसी से सम्बंधित रिपोर्टिंग के दौरान इंडिया टुडे की रिपोर्टर ने अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की महिलाओ से राय जानने की कोशिश की! महिला रिपोर्टर वहा मौजूद छात्राओं से तीन तलाक पर उनसे बात कर रही थी तभी कुछ कट्टरपंथी समुदाय विशेष के छात्र वह आ धमके और रिपोर्टर के साथ बदतमीजी शुरू कर दी! इंडिया टुडे रिपोर्टर का युनिवेर्सिटी में मौजूदगी इन कटरपंथियो को नागवार गुजरा और रिपोर्टर को जाने के लिए कहने लगे तभी बात बढ़ गई! इस वीडियो को देखकर तो यही लगता है की हम भारत में नहीं बल्कि सीरिया में है!

बहस के दौरान महिला रिपोर्टर बार बार यही कहती नजर आयी की हमारे पास परमिशन है लेकिन फिर भी ये गुंडे नहीं मने और रिपोर्टर भगाने के लिए अड़े रहे! लेकिन ये लड़के लगातार बीच में आते रहे और महिला पत्रकार से परमिशन के लिए पूछते रहे! इससे मजबूर होकर महिला पत्रकार को अपना लाइव बंद करना पड़ा! लाइव बंद करते ही ये दोनों लड़कों ने महिला पत्रकार को घेर लिया और कहा कि तुमने इस रिपोर्टिंग के लिए किससे परमिशन ली है ये बताओ! जब महिला पत्रकार ने देखा की ये ऐसे मानने वाले नहीं है तो पुलिस बुलाने की धमकी दी लेकिन ये लड़के वह से हिले तक नहीं और पत्रकार को रोकते रहे!

देखिये ये वीडियो:-

इंडिया टुडे के अन्य पत्रकार राहुल कँवल ने अपने चॅनेल की इस महिला पत्रकार की हिम्मत की तारीफ की और गुंडों को आड़े हांथो लिया! राहुल कंवल ने पूरी घटना का वीडियो ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमें अपने पत्रकार इलमा हसन पर गर्व है, वो उन गुंडों के सामने नहीं झुकी जो लाइव रिपोर्टिंग के दौरान उनके शो में आ गए थे”

ये दूसरी वीडियो में साफ़ देख सकते है कैसे बदतमीजी किये जा रहे है..AMU के गुंडे

अभी कुछ दिन पहले देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा था कि देश के मुसलमान डरे हुए है! कोई अंसारी साहब को ये वीडियो दिखाओ, देश के मुस्लिम कितने डरे हुये हैं इस वीडियो को देखकर उनको अंदाजा हो जायेगा! और उन मीडिया कर्मी को भी दिखाओ जो दिन रात टीवी पर मुस्लिमो के लिए रोना रट रहते है! लेकिन इसपर कोई कुछ नहीं बोलेगा, क्योंकि उनका एजेंडा है बस हिंदुओं को अपमानित करो!

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मुस्लिम एक्टर ने SC के फैसले से खुश हो रहे हिंदुओं पर किया विवादित पोस्ट, कहा- तुम मुस्लिम औरतों का रेप करते हो

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नई दिल्ली: 22 अगस्त 2017 का दिन भारतीय इतिहास में लम्बे समय तक याद रखा जायेगा! २२ अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सदियों से चली आ रही तीन तलाक प्रथा को असवैधानिक करार दिया और अगले 6 महीने तक के लिए रोक लगा दी! सुप्रीम कोर्ट ने कहा की संसद में जबतक तीन तलाक के मुद्दे पर बिल नहीं आता तब तक इस पर रोक लगी रहेगी! सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों के एक बेंच में से तीन ने इसे असावधानिक करार दिया तो वही 2 जज इसके पक्ष में दिखे! जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस फली नरीमन, जस्टिस जोसेफ कुरियन ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए कहा- इससे मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन होता है!

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद जहा एक तरफ मुस्लिम महिलाओ में खुसी की लहार दौड़ उठी है वही दूसरी तरफ कुछ कट्टरवादी मानसिकता के मौलवी अब भी इसका विरोध कर रहे है! लेकिन तीन तलाक का दर्द क्या होता है ये तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओ से बेहतर कौन समझ सकता है! आज बहुत सी पीड़ित मुस्लिम महिलाये सुप्रीम कोर्ट के बाहर फैसले के इंतजार में घंटो कड़ी नजर आयी! हर जगह मीडिया में तीन तलाक की ही चर्चा है और सभी वर्ग के लोगो ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है!

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पूरे देश के लोग खुशी मना रहें है वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड एक्टर और क्रिटिक कमाल राशिद खान ने कुछ ऐसा कह दिया जिसे लेकर सोशल मीडिया पर लोग उन्हें भला बुरा कह रहे हैं। केआरके के नाम से मशहूर कमाल राशिद खान ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के हिंदुओं को निशाने पर लेते हुए अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया है। जब लोगो ने ट्विटर पर क्लास लगनी शुरू की तो दर के मारे KRK ने सारे ट्वीट डिलीट कर दिए!

केआरके ने अपने ट्वीट में लिखा कि मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि तीन तलाक खत्म होने पर ये हिंदू लोग इतने खुश क्यों हो रहे हैं।

केआरके ने एक के बाद एक लगातार चार ट्वीट करते हुए हिंदुओं को आड़े हाथों लिया है। अपने अगले ट्वीट में केआरके ने लिखा कि देखिए कौन लोग खुशी मना रहे हैं, ये वही लोग हैं जिन्होंने गुजरात और मुंबई दंगों में मुस्लिम महिलाओं का रेप किया था और जिंदा जलाया था।

केआरके ने अपने अगले ट्वीट में लिखा कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मुस्लिम महिलाओं के लिए खुशखबरी है उन्हें इसका जश्न मनाने दें। हिंदुओं को इतना खुश होने की कोई जरूरत नहीं है।केआरके ने इस फैसले पर खुश हो रहे हिंदुओं को बेगानी शादी में अबदुल्ला दीवाना बताया है।

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राहुल गाँधी की सच्चाई सुनकर बौखलाए राज बब्बर, Live टीवी पर शुरू कर दिया चिल्लाना!

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लखनऊ: इंडिया टीवी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री और अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल और यूपी कांग्रेस अद्यक्ष राज बब्बर में काफी तीखी बहस हुई! राज बब्बर ने जाति के आधार पर मिर्जापुर से अनुप्रिया पटेल को टिकट मिलने की बात की तो उन्होंने जवाब देना शुरू किया। अनुप्रिया लगातार बोलती रही। बीच में राज बब्बर ने बोलने की कोशिश की लेकिन अनुप्रिया ने उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया। अनुप्रिया ने जब यह कहा कि बाबा साहेब अंबेडर को भी कांग्रेस न हराया था। इसके बाद राज बब्बर बोलने लगे। उन्होंने अनुप्रिया पर शोर करने का आरोप लगाया और कहा कि अगर आप तेज बोल सकती हैं तो बोलना उनका भी पेशा रहा है।

अनुप्रिया ने कहा कि जावाब सुनने का धैर्य रखना चाहिए। मुझे प्रतिनिधित्व केवल जाति के आधार पर नहीं मिला। जहा एक तरफ राज बब्बर ने अनुप्रिया के राजनीतिक जीवन पर सवाल उठा रहे थे तो वही दूसरी ओर इन बेतुके सवालो पर अनुप्रिया को काफी गुस्सा आ रहा था और अनुप्रिया ने कहा कि किसी के बारे में बोलने से पहले आप जानकारी जुटा ले! आप मेरा बैकग्राउंड चेक कीजिये! कांग्रेस की तरह नहीं हूँ मैं, मैंने ग्राउंड लेवल पर बहुत काम किया है, तब राजनीती में आयी हूँ! लेकिन राहुल गाँधी का एक भी ऐसा काम बता दीजिये जिस वजह से वो कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष है!

देखिये ये वीडियो किस तरह राज बब्बर बौखला उठे:-

जाति और विरासत पर बात करते हुए अनुप्रिया पटेल ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। पीएम ने लाल किले की प्राचीर से दलितों और पिछड़ों की बात कही है। हम पीएम के साथ मजबूती से खड़े हैं।

इससे पहले सीएम के सवाल पर अनुप्रिया ने कहा था कि कांग्रेस में 10 जनपथ से सीएम का नाम तय होता है। जबकि अपना दल और बीजेपी में विधायक दल के सदस्य सीएम का नाम तय करते हैं। लोकतंत्र की उच्च परंपराओं में बीजेपी-अपना दल भी विश्वास करता है।

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ट्रिपल तलाक : तारिक फतेह ने बहस के दौरान मौलाना को दिया करारा जवाब!

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नई दिल्ली: 22 अगस्त 2017 का दिन भारतीय इतिहास में लम्बे समय तक याद रखा जायेगा! २२ अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सदियों से चली आ रही तीन तलाक प्रथा को असवैधानिक करार दिया और अगले 6 महीने तक के लिए रोक लगा दी! सुप्रीम कोर्ट ने कहा की संसद में जबतक तीन तलाक के मुद्दे पर बिल नहीं आता तब तक इस पर रोक लगी रहेगी! सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों के एक बेंच में से तीन ने इसे असावधानिक करार दिया तो वही 2 जज इसके पक्ष में दिखे! जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस फली नरीमन, जस्टिस जोसेफ कुरियन ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए कहा- इससे मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन होता है!

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद जहा एक तरफ मुस्लिम महिलाओ में खुसी की लहार दौड़ उठी है वही दूसरी तरफ कुछ कट्टरवादी मानसिकता के मौलवी अब भी इसका विरोध कर रहे है! लेकिन तीन तलाक का दर्द क्या होता है ये तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओ से बेहतर कौन समझ सकता है! आज बहुत सी पीड़ित मुस्लिम महिलाये सुप्रीम कोर्ट के बाहर फैसले के इंतजार में घंटो कड़ी नजर आयी! हर जगह मीडिया में तीन तलाक की ही चर्चा है और सभी वर्ग के लोगो ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है!

इसी कड़ी में तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर पाकिस्तानी मूल के लेखक और स्कॉलर तारिक फतह ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया है! तारिक फतेह ने कहा कि, यह फैसला हमारे देश की बहु-बेटियों के हक में है, तर्क फतह ने समाचार चॅनेल ज़ी न्यूज़ के खाश कार्यकर्म में हिस्सा लिया और उन्होंने तीन तलाक मामले पर एक मौलाना को जमकर लताड़ा! सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को गलत बताने वाले मौलाना को जवाब देते हुए तारिक फतह ने कहा, कि ये बाबर-औरंगजेब का देश नहीं है, जो इस तरह के नियम चलेंगे!

बहस के दौरान तारिक फतह ने खा की अगर आप एक पिता है और आपको अपनी बेटियों की चिंता होती तोह आप भी तीन तलाक का विरोध कर रहे होते, आगे बोलते हुए तर्क फतह ने कहा कि मुझे आपकी सोच पर तरस आ रही है और शर्म आ रही है की आप अब भी तीन तलाक जैसी कुरीति का पक्ष ले रहे है, हमे इस गलत प्रथा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए और अपनी बेटियों का साथ देना चाहिए! लेकिन मौलाना शांत नहीं हुआ उसने कहा की पैगम्बर साहब ने इसका जिक्र किया है, तब तर्क फतह ने कहा कि आपके पास क्या सबूत है की इसका जिक्र किया गया है!

बता दें कि इससे पहले भी तारिक फतह तीन तलाक के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं! कई टीवी डिबेट और कार्यक्रमों में तारिक फतेह तीन तलाक का गलत बताते रहे हैं और इसका विरोध भी करते रहे हैं!

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मिथाली राज के पसीने वाले आर्मपिट का ट्विटर उजर ने उड़ाया मजाक, मिथाली ने दिया ऐसा जवाब की बोलती बंद हो गयी!

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मिथाली राज, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान, जिन्हे देश का लगभग हर क्रिकेट प्रेमी भली भाँति जनता है! लेकिन इस साल हुए महिला क्रिकेट विश्व कप प्रतियोगिता में भारतीय महिला क्रिकेटरों के प्रदर्शन के वजह से पूरा देश आज इन खिलाड़ियों के खेल और हौसले का कायल हो गया है! अब ये महिला खिलाडी किसी पहचान की मोहताज़ नहीं है! मितली राज दुनिया के सबसे अच्छी महिला क्रिकेटरों में से एक हैं, जो सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती है! वो हमेशा अपने वेवाक अंदाज से उन लोगों को चुप करा देती है जो सोशल मीडिया पर बकवास करते है!

सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर पर मितली राज ने एक फोटो शेयर करते हुए पोस्ट किया, जिसपर एक ट्विटर उजर ने भारतीय महिला क्रिकेट कप्तान को ट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन जिस तरह से मिताली ने जबाब दिया वो काफी सटीक और सराहनीये है! या क्रिकेट की भाषा में बोले तो एक सुंदर सीधा ड्राइव, जो वह हमेशा क्रिकेट मैदान पर खेलती है!

मिताली ने तो जबाब दिया ही, साथ ही अन्य ट्विटर उजर ने भी इस नीच मानसिकता रखने वाले व्यक्ति को करारा जबाब दिया! सारा मामला उस व्यक्ति द्वारा की गई टिपण्णी को लेकर है! देखिये सबसे पहले मिथाली ने यह पोस्ट किया था कैप्शन के साथ, “आज एक महत्वपूर्ण दिन था, इन स्पेशल महिलाओं के साथ”

मितली के इसी पोस्ट के बाद अशीम दास चौधरी नामक एक ट्विटर यूजर ने मिताली के पोस्ट किये गए तस्वीर की खिल्ली उड़ाई, क्युकी मिताली ने जो फोटो पोस्ट किया था उसमे मिताली का पसीने वाला आर्मपिट दिख रहा था!

लेकिन मिताली ने भी बखूबी अपने अंदाज में जबाब दिया:-

मिताली के इस जवाब के बाद उस व्यक्ति की ट्विटर पर अन्य उजर्स द्वारा भी जम कर आलोचना की गई! लॉजिकल भारत टीम ऐसे व्यक्ति की कड़ी निंदा करता है जो महिलाओ का सम्मान करना नहीं जानते और साथ ही साथ मितली राज के जबाब की प्रसंशा करता है, ऐसे लोगो को सबक सिखाने के लिए!

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विडियो पोस्ट होने के 24 घन्टे के भीतर ही “बिहार पुलिस” ने कमाल कर दिया – देखे वीडियो!

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नई दिल्ली: बिहार में जब से बीजेपी सत्ता में सहभागी बनी है बिहार की शाशन व्यवस्था को एक नई मुकाम मिली है! क्युकी इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल अपने वोट बैंक के चलते समुदाय विशेष पर कोई भी करवाई नहीं होने देती थी! BJP के नितीश कुमार के साथ सत्ता में आने के बाद दोनों पार्टियों ने खाशकर पुलिस प्रसाशन को तंदरुस्त करने का काम किया है! अब बिहार पुलिस किसी भी मामले में सीघ्र संज्ञान लेती दिखाई दे रही है और जल्द से जल्द निपटारा करती है, जिसका एक उदाहरण ये मामला भी है जिसके बारे में हम आपको बता रहे है!

भारतीय मीडिया मुस्लिमो को हीरो बनाने का एक भी मौका नही छोड़ती, लेकिन वो इस बात को कभी नही दिखाएगी की एक हिन्दू बहुल राष्ट्र में कैसे हिंदुयों के भावनावो के साथ बेख़ौफ़ होकर ये समुदाय विशेष के लोग खिलवाड़ कर रहे है! आयेदिन सोशल मीडिया पर हिन्दुओं के देवी देवताओ को लेकर अभद्र टिप्पड़ी की जाती है! गौ माता को लेकर समुदाय विशेष के लोग जहर उगलते रहते है! लेकिन मीडिया ये सब नहीं दिखाती! उन्हें तो बस समुदाय विशेष के लोगो को हीरो बनाना आता है! कुछ दिनों पहले अमरनाथ यात्रा में मारे गए यात्रियों को मीडिया ने उतनी कवरेज नही दी जितनी कि उस बस के ड्राइवर को दी जा रही थी!

देश में कोई भी बड़ा हादसा हो मीडिया वालो को बस एक नाम मिलना चाहिए जो समुदाय विशेष से हो और मीडिया लग जाती है उसे हीरो की तरह पेश करने में! अभी हाल ही में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में जो हादसा हुआ था उसमे भी इन्होने डॉ कफील को खूब कवरेज दिया और मसीहा की तरह पेश किया लेकिन बाद में सच्चाई कुछ और ही निकली! मीडिया का ये दोहरा चरित्र आज देश के हिन्दू समाज को समझना ही होगा आज हिन्दू मीडिया के इस दोगले पन को नही समझा तो कभी समझ नहीं पाएगा!

देखें इन्होने वीडियो में क्या कहा:-

आज हम आपको एक ऐसा वीडियो दिखा रहे है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है! लेकिन इस मामले में बिहार पुलिस की दाद देनी होगी जो बहुत काम समय में इन लड़को को गिरफ्तार किया!
इस खबर को अभी तक किसी न्यूज़ वाले ने नहीं दिखाया है! ये लड़के सरेआम गौ माता को काट कर खाने की बात कर रहे है और वीडियो विडियो बनाकर उसे वायरल फेसबुक पर वायरल किया! इसके अलावे ये लोग वीडियो में हिन्दुओं के खिलाफ जी भरकर जहर उगल रहे है!

आपकी जानकारी के लिए हम बता दें की मुस्लिम युवक जो बहुत ही जहरीली बातें करते हुए नजर आ रहे हैं उन्हें पुलिस द्वारा पकड लिया गया है और उनकी पुलिस ने बहुत अच्छे से खातिरदारी की है! ये सबक है उन सबके लिए जो इस तरह की बयानबाजी करते हैं! पर अब समय आ चूका है कि हिन्दू जो सेक्युलर है उसे इससे सबक लेते हुए सेकुलरिज्म का बुर्का उतार फेकना चाहिए!

ये रही तस्वीर, २४ घंटे के भीतर ही पुलिस ने पकड़ लिया:

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मानहानि केस में केजरीवाल ने BJP नेता से मांगी माफी, कहा- बहकावे में आकर लगाए थे आरोप!

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा से बीजेपी सांसद अवतार सिंह भड़ाना से पटियाल हाउस कोर्ट में माफी मांगी है!पटियाला हाउस कोर्ट में भड़ाना ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था!साथ ही एक करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की थी!

जाने क्यों हुआ केजरीवाल के ऊपर मानहानि का केस
– बीजेपी नेता भड़ाना का आरोप है कि दिल्ली के सीएम ने 31 जनवरी, 2014 को उनके लिए आपत्तिजनक बयान दिया! उन्होंने कहा था कि अवतार सिंह भड़ाना देश के सबसे भ्रष्ट लोगों में से एक हैं!
– इसके बाद उन्होंने केजरीवाल को लीगल नोटिस भेजकर बयान पर माफी मांगने के लिए कहा! नोटिस में भड़ाना ने कहा था कि आपके कमेंट से समाज में मेरे मान-सम्मान और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है! बयान वापस लेकर माफी मांग लें! लेकिन ऐसा नहीं करने पर उन्होंने आम आदमी के चीफ के खिलाफ 1 करोड़ की मानहानि का केस दायर कर दिया!

केजरीवाल ने सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में भड़ाना से लिखित में माफी मांगते हुए कहा कि अपने एक सहयोगी के बहकावे में आकर उन्होंने भड़ाना पर वे आरोप लगाए थे! बाद में उनकी जांच में उन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई! इसलिए केजरीवाल ने इस मामले में माफी मांगने की बात कही! दिल्ली सीएम ने अपने माफीनामे में कहा है कि उनका उद्देश्य भड़ाना पर आरोप लगाकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का नहीं था!

अदालत के सूत्रों ने बताया कि अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सुरेंद्र एस राठी ने दोनों नेताओं की ओर से रखी गई बातों पर विचार किया और मामले का निस्तारण कर दिया!भड़ाना की ओर से पैरवी कर रहे वकील सूरत सिंह ने कहा कि केजरीवाल ने यह कहते हुए अपना पहले का बयान वापस ले लिया था कि उन्हें उनको पूर्व साथियों ने गलत ढंग से सूचित किया था और बीजेपी नेता की प्रतिष्ठा धूमिल करने का उनका कोई इरादा नहीं था!

बता दें कि केजरीवाल के खिलाफ करीब दर्जन भर से ऊपर मानहानि के मामले दर्ज है, जिसमें अरुण जेटली के द्वारा दर्ज कराया गया मानहानि का केस भी शामिल है!लेकिन मानहानि का ये पहला केस है जिसमें केजरीवाल अपनी गलती को लिखित रुप में कोर्ट में स्वीकार किया है!

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VIDEO : इस युवा महिला सांसद ने खोली राहुल गांधी की पोल, सदन छोड़कर भागे राहुल गांधी!

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राहुल गाँधी कांग्रेस पार्टी के युवराज व कांग्रेस उपाध्यक्ष को कौन नही जानता। ये वही हैं जो अपने बेतुके भाषण की वजह से हमेशा चर्चाओं में बने रहते हैं। ये हमेशा से ही ऐसे बयान बाजी और भाषण बाज़ी करते हैं जिससे इनका हमेशा अपना मज़ाक उड़ता है। राहुल कर साथ साथ पूरे कांग्रेसियों को भी शर्मिंदगी उठानी पड़ती है।

ये वही राहुल गांधी है जो बड़ी रैली में कहते है कि वो आलू की फॅक्टरी लगाएंगे। और कभी रैली में फटा कुर्ता दिखाकर अपना मज़ाक उड़वाते हैं। राहुल हरकतों की वजह से ही अभी हाल ही में कांग्रेसी नेता राहुल गांधी को पप्पू कह दिया था। जिसके बाद उन्हें पार्टी से हटा दिया गया था। कोई भी अगर राहुल को टारगेट करता है तो वो राहुल की खुद की आदतों की वजह से।

आलू की फैक्ट्री वाला बयान भी राहुल गांधी ने दिया था जिसके बाद उनका खूब मज़ाक उड़ा था. राहुल गांधी को तो मज़ाक में बीजेपी का स्टार प्रचारक भी कहा जाता है। क्योंकि जबसे राहुल ने मोर्चा संभाला है तभी से कांग्रेस का हर राज्य से सूपड़ा साफ हो रहा है। राहुल गांधी ने जब उत्तरप्रदेश में अखिलेश के साथ रैलीयाँ की तो उसका हाल आप लोगों ने देख ही लिया। मतलब ये कहा जा सकता है राहुल गांधी कांग्रेस के लिए सही नही रहे।

देश की युवा महिला सांसद और भारतीय जनता युवा मोर्चा की अध्यक्ष पूनम महाजन ने राहुल गांधी की पोल खोल कर रख दी। पूनम महाजन ने राहुल गांधी को आटे चावल के भाव बताये। हम उम्र सांसद ने राहुल की ये बेज़्ज़ती कांग्रेस से बरदास्त नही हुआ होगा। पूनम महाजन काफी लोकप्रिय महिला युवा सांसद हैं और बेबाकी से अपनी बाते रखने के लिए जानी जाती है!

देखें वीडियो।

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अहमद पटेल की राज्‍यसभा सदस्‍यता हो सकती है रद्द, गुजरात हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस!

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गुजराज में हुए राज्‍यसभा के चुनावों का मामला अब गुजरात हाईकोर्ट में पहुंच चुका है। इस मामले में अहमद पटेल समेत कईयों को नोटिस जारी किया गया है।

क्‍या कांग्रेस के बाजीगर अहमद पटेल राज्‍यसभा का चुनाव जीतने के बाद भी हार सकते हैं ? क्‍या उनकी राज्‍यसभा की सदस्‍यता छीनी जा सकती है ? ये सवाल इस वक्‍त सियासी गलियारों में काफी जोरशोर से उठ रहे हैं। दरअसल, गुजरात में हुए राज्‍यसभा के चुनाव का मामला अब गुजरात हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के उम्‍मीदवार बलबंत सिंह राजपूत की याचिका पर सुनवाई करते हुए इस केस में सभी पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है। गुजरात हाईकोर्ट की ओर से कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अहमद पटेल और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने अमित शाह और स्‍मृति ईरानी को भी नोटिस जारी कर उनसे भी जवाब मांगा है।

गुजरात हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी ने इस मामले में सभी पक्षों को अपना जवाब 21 सितंबर को अदालत के सामने रखने को कहा है। बीजेपी नेता बलवंत सिंह राजपूत ने अपनी याचिका में आरोप में लगाया है कि राज्‍यसभा के चुनाव में सभी नियमों का पालन नहीं किया गया है। बलवंत सिंह राजपूत का आरोप है कि इस चुनाव में दो वोट अवैध घोषित हो गए थे। उसके बाद भी कांग्रेस के नेता अहमद पटेल को जीत दे दी गई। बलवंत सिंह राजपूत पहले कांग्रेस में ही हुआ करते थे। लेकिन, राज्‍यसभा इलेक्‍शन से ठीक पहले उन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी ज्‍वाइन कर ली थी। इसके बाद बीजेपी ने बलवंत सिंह राजपूत को अहमद पटेल के खिलाफ अपना उम्‍मीदवार बनाया था। उनका कहना है कि तकनीकी तौर पर उन्‍हें विजेता घोषित किया जाना चाहिए।

दरसअल, जिस दिन गुजराज में राज्‍यसभा की वोटिंग हुई थी। उसी दिन वोटों की गिनती भी होनी थी। वोटों की गिनती के दौरान ही कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने कुछ पेंच फंसा दिया था और चुनाव आयोग पहुंच गए थे। कांग्रेस पार्टी ने दो वोटों को अवैध घोषित करा दिया था। इस चुनाव को लेकर गुजरात से लेकर दिल्‍ली तक सियासी ड्रामा चला था। रात करीब डेढ़ बजे चुनाव आयोग ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया और कांग्रेस पार्टी के नेता अहमद पटेल को विजेता घोषित कर दिया था। राज्‍यसभा में पहुंचने के लिए पटेल को 44 वोटों की जरुरत थी। कांग्रेस में दो फाड़ होने के बाद भी उन्‍होंने इतने वोटों का जुगाड़ कर लिया था। इस चुनाव में उनकी प्रतिष्‍ठा दांव पर लगी हुई थी।

हीं दूसरी ओर बलवंत सिंह राजपूत को 38 वोट मिले थे। बलवंत सिंह राजपूत ने गुजरात हाईकोर्ट में जो याचिका लगाई है उसमें उन्‍होंने कहा है कि जब निर्वाचन अधिकारी ने एक बार दोनों मतों को मान्य करार दे दिया, तो चुनाव आयोग को उस अधिकारी को किसी वोट को स्वीकारने या फिर रद्द करने के निर्देश देने का कोई अधिकार नहीं था। लेकिन, चुनाव आयोग ने ऐसा किया। जो नियमों के विरुद्ध है। इस केस की अगली सुनवाई अब 21 सितंबर को होगी। चुनाव आयोग ने कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक राघव जी पटेल और भोला भाई गोहिल के मतों को अवैध करार देते हुए अहमद पटेल को विजेता घोषित किया था। पटेल के लिए ये चुनाव बहुत मुश्किल भरा रहा था। कांग्रेस को अपने विधायकों को बंगलौर के रिसॉर्ट में रखना पड़ा था।

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पत्रकार ने PM मोदी से पुछा बेतुका सवाल, पीएम ने दिया ऐसा जबाब की अब कभी सवाल नहीं पूछेंगे!

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आज नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री है, लेकिन मोदी जी को प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचने के लिए बहुत से मुश्किलात और सवालो से गुजरना पड़ा है, अक्सर आपने देखा होगा की जब कभी भी कोई पत्रकार मोदी जी के साथ साक्षात्कार करता है तो गुमा फिरा कर उनका प्रश्न 2002 के गुजरात दंगो पर चला जाता है, जिसके बारे में मोदी जी ने मीडिया को कई बार अपना जबाब दिया है हुए भारत की न्यायपालिका से भी गुजरात दंगे मामले में मोदी निर्दोष करार दिए जा चुके है!

एक तरफ तो पीएम मोदी पर भरोसा और विश्वास करने वालों कि कमी नहीं है तो उनका विरोध करने वाले भी खूब हैं! विपक्ष अपनी मनमानी करने में विफल हो रहा है! वैसे किसी भी पार्टी के कार्यकाल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तो होता ही रहता है, फिर भी तीन सालों में मोदी सरकार की कुछ उपलब्धियां ऐसी हैं जो शायद ही कोई और सरकार कर पाती!

बात करें नोटबंदी की तो वह एक ऐसा फैसला था जिसको लागू करना किसी भी सरकार के लिए बहुत ही मुश्किल और साहसिक काम होता! इसका किसी भी पार्टी पर उलटा प्रभाव पड़ सकता था! मोदी सरकार के अचानक से लिए नोटबंदी के फैसले से भले ही लोगों को परेशानी उठानी पड़ी हो, लेकिन इसके जो सकारात्मक परिणाम मिले हैं उनसे भी इंकार नहीं कर सकता!

जब पत्रकार ने पीएम से पुछा बेतुका सवाल :
नोटबंदी, पाकिस्तान और कश्मीर पर सरकार ने वाकई में सराहनिय काम किया है! नोटबंदी के बाद से लोग डिजिटल तरीकों पर गौर करना शुरू कर दिया है! आपको बता दें कि मोदी सरकार ने कैशलेस इंडिया को ध्यान में रखते हुए ही भीम ऐप की भी शुरूआत की है! बात करें विदेश नीति की तो पीएम मोदी कि विदेश नीति अन्य सरकारों कि तुलना में कही बेहतर है! विदेश दौरों के दौरान पीएम मोदी ने दुनिया पर भारत और भारतीय परंपरा कि अमिट छाप छोड़ी है!

विज्ञान के क्षेत्र में इसरो ने साउथ एशिया सेटेलाइट का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है! इसके बावजूद कुछ नेता और पत्रकार ऐसे हैं जो पीएम को लेकर काफी नाखुश दिखाई देते हैं! ऐसे ही एक रिपोर्टर ने एक शो के दौरान पीएम मोदी से अभद्र सवाल किया, नीचे वीडियो में देखिए पीएम ने उसका क्या जवाब दिया!

देखें वीडियो –

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Video: जब फूट-फूट कर रोने लगा RJD नेता, कहा लालू के बेटे ने दी गन्दी गालियाँ और की पिटाई!

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बिहार की राजनीति से तो सभी वाकिफ हैं । और बात अगर बिहार की हो और लालू प्रसाद यादव का नाम ना आये तो बात ही नही बनती। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और उनके बेटों को कौन नही जानता। ये हर वक़्त अपनी घटिया हरकतों की वजह से चर्चा में बने रहते है। राजनीति तो सिर्फ दिखावा है असल में तो अपना दबदबा बनाये रखने के लिए गुंडाराज चलाना होता है। लालू यादव के बड़े बेटे व बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव हमेशा विवादों में रहते हैं। इस बार वे पार्टी के ही एक पुराने नेता की पिटाई को लेकर सुर्खियों में हैं।

दरअसल, लालू यादव के आवास पर शुक्रवार को इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया है। जिसमे लालू पार्टी के बड़े बड़े नेता मौजूद थे। पार्टी आदेश पर ही संनोज इस पार्टी को सँभालने के लिए जिम्मेदारी लिए हुवे थे। उस समारोह में शामिल होने के लिए पार्टी नेता सनोज यादव पहुंचे थे। सनोज राजद कार्यसमिति के सदस्य भी हैं और लंबे अर्से से पार्टी में बने हुए हैं। आवास पर पहुंचते ही किसी बात को लेकर तेजप्रताप तमतमा गए हैं। इसके बाद सनोज की पिटाई कर दी।

सनोज ने आरोप लगाया है कि मंत्री तेजप्रताप ने न सिर्फ मेरी पिटाई की बल्कि मुझे गाली भी दिया। सनोज ने कहा कि मैं प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे द्वारा दी गई जिम्मेवारियों का निर्वहन कर रहा था। पार्टी के बूरे दिनों में भी मैं साथ रहा। लेकिन मुझे आरएसएस का एजेंट कहकर जलील किया गया। आरजेडी सनोज मीडिया से बात करते हुए रो पड़े। उन्होंने कहा कि मैं अब इस पार्टी में नहीं रहूंगा। पार्टी के सारे पदों से इस्तीफा देता हूं।

देखें वीडियो !

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बकरीद पर आया CM योगी आदित्यनाथ का नया फरमान, विशेष वर्ग सकते में !

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के राज्य उत्तरप्रदेश से एक खबर आरही है जो शायद एक विवाद को जन्म दे सकती है। जिसको हम सभी लोगों से ध्यान से जानना और समझना होगा क्योंकि यह ऐसा भी हो सकता हैं कि यह कोई विवाद की वजह ही ना हो लेकिन इसको लेकर विवाद बनाया जा रहा हो ? दरअसल खबर यह है कि लखनऊ में बकरी ईद से पहले एक बड़ा अहम् फैसला लिया गया है।

दरअसल जिला प्रशाशन की तरफ से फैसला लिया गया है कि बकरीद पर ऊंटों की क़ुरबानी नही दी जानी चाहिए, इस पर बैन लगा दिया गया है। प्रशाशन ने कहा कि ऊंट निषिद्ध जानवर है जिसकी वजह से इसकी कुर्बानी नही दी जा सकती। जिला न्यायधीश ( डीएम ) कौशल राज शर्मा ने साफ़ किया कि सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस ऊंट की खरीद और बिक्री पर अपनी पैनी नज़र बनाये रखेगी। ताकि इस मौके राज्य की राजधानी में क़ुरबानी देने के लिये एक भी ऊंट की खरीदारी और बिक्री ना की जा सके।

DM कौशल राज ने आगे कहा कि बकरी ईद पर ऊंटों की कुर्बानी दी जाए ऐसा लऊनऊ का इतिहास नहीं रहा है और ना ही जिला प्रशासन के रिकॉर्ड में ऊंट की कुर्बानी का रिकॉर्ड है। इसीलिए यहां सुनिश्चित किया जाना चाहिए की इस प्रकार गतिविधियां जिले की सीमाओं के अंदर ना की जाएं।आपको जानकारी के लिए बता दें कि बकरी ईद से कुछ दिन पहले राजस्थान के व्यापारी लखनऊ में ऊंट बेचने के लिए आते हैं हालांकि ऊंटों को अधिकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में ज्यादा बेचा जाता है इसलिए जिला प्रशासन ने लखनऊ पुलिस को आदेश दिए हैं कि ऊंट के व्यापारी यहां एक भी जानवर ना बेच पाएं बल्कि एक भी जानवर बेचे बिना इन्हें राजस्थान लौटने पर मजबूर किया जाए।

यह ऊंटों और उनकी जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए किया गया है ताकि देश में ऊँटों की जनसंख्या पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े।यह फैसला लेने के बाद हालाकि किसी भी मौलाना या मदरसों से किसी तरह की आपत्ति नहीं आयी है मगर चूंकि यह फैसला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है इसलिए इस बात की आशंकाएं बढ़ जाती हैं कि यह एक नए विवाद को लेकर जनता के सामने आएगा।यह देखना और भी अधिक दिलचस्प होगा कि इस बात पर भी किसी विपक्षी दल को कोई परेशानी होती है या नहीं क्योंकि यह भी देखने वाली बात है कि विपक्ष की अपनी मजबूरी यह है कि उसके पास कोई भी ठोस मुद्दा नहीं है जिसको लेकर वो सरकार को घेर सके और यह सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में यही स्थिति है।

अब विपक्ष के पास एक मुद्दा हाथ लग है गोरखपुर के BRD हॉस्पिटल का और इस मामले को वो बिल्कुल भी खत्म नहीं होने देना चाहते और अब सरकार भी इस मामले पर अपनी कार्यवाही कर रही है और अपनी पैनी नज़र बनाये हुए हैं

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VIDEO: Gk टेस्ट में टीचर-प्रिंसिपल के छूटे पसीने, राष्ट्रपति का नाम बताया- अरविंद कोबिंद

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उतर प्रदेश के शिक्षा का बेडा गर्क करने में मयावती और अखिलेश ने कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है, जी हाँ ये बात बिलकुल सटीक बैठती है! क्युकी चंद रुपयों के लालच में इनके कार्यकाल में ऐसे लोगो को शिक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया है जिन्हे बेसिक जनरल नॉलेज का ज्ञान नहीं है! इस वजह से उतर प्रदेश की सरकारी स्कूल और शिक्षा की खूब बदनामी हो रही है, क्या मायावती और अखिलेश यूपी में अनपढो की फ़ौज तैयार करने में लगे हुए थे? इतिहास गवाह है यूपी के विद्दार्थी देश के हर कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं में अव्वल आते रहे है चाहे IIT हो या सिविल सर्विसेज का परीक्षा हो! लेकिन हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश की शिक्षा की साख काफी गिरती दिखाई पड़ रही है!

चलिए उतर प्रदेश के ऐसे ही एक स्कूल का वीडियो दिखते है जहा प्रिंसिपल से लेकर शिक्षक तक को प्रथम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और वर्तमान के राष्ट्रपति का नाम ठीक से याद नहीं है! जब ऐसा हाल शिक्षकों का है तो वहां के स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से आप क्या उमीन्द कर सकते है! कौन कहता है इन नेताओ ने विकाश नहीं किया उतर प्रदेश का, ये शिक्षा के मामले में निचे से प्रथम आने वाला राज्य जरूर बना डालेंगे!

उतर प्रदेश में शिक्षा के इस लचर हालात के लिए केवल और केवल मायावती और अखिलेश की सरकार जिमेवार है, क्युकी इनके शाशन कल में शिक्षकों की भर्तियां इन्होने रोक दी और सिर्फ शिक्षा मित्र या अनुबंधित शिक्षक ही भर्ती किये गए, इन शिक्षा मित्र शिक्षकों का वेतनमान उस वक्त इतना कम था की जिस वजह से होनहार कैंडिडेट स्कूलों में पढ़ाने को तैयार नहीं थे और इन्होने ऐसे ऐसे नमूनों से शिक्षा जगत को भर डाला!

देखिये वीडियो – इनका जनरल नॉलेज

अब इस हाल में उतर प्रदेश की शिक्षा का ये रूप लाजमी है, क्युकी ये वो लोग है जो आरक्षण या फिर पैरवी करके शिक्षा मित्र के तौर पर काम कर रहे है! उतर प्रदेश हो या देश को कोई और दूसरा राज्य सभी जगह हालत लगभग एक जैसा ही है, लोग अगर सक्षम है तो अपने बच्चो को सरकारी स्कूलों के वजाय प्राइवेट स्कूलों में भेजना पसंद करते है!

आपको बता दे की मायावती और अखिलेश राज में स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति केवल सर्टिफिकेट के आधार पर की गयी थी उनका किसी प्रकार का कोई लिखित परीक्षा नहीं हुआ था हलाकि बाद में जब हर जगह से ऐसे ही अनपढ़ शिक्षकों के मामले सामने आने लगे तो नाम के लिए उतर प्रदेश सरकार ने एक परीक्षा पास करने का प्रस्ताव रखा लेकिन उसमे भी लोगो ने नक़ल का तरीका ढूंढ निकाला!

Source: Dainik Bhaskar

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चीन की इंटरनेशनल बेइज्जती – इस छोटे देश ने कहा “हम तुम्हारे गुलाम नहीं, धमकियों से नहीं डरते”

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बोत्सवाना दुनिया के नक़्शे में एक छोटा सा देश लेकिन हौसले काफी बुलंद, तभी तो उन्होंने चीन जैसे देश को अपने मंसूबो से जगह किया है! दक्षिण अफ़्रीकी देश बोत्सवाना के राष्ट्रपति ने चीन को जगह करते हुए खा की हम चीन की धमकियों से डरते नहीं है और न ही हम चाइना की कॉलोनी है! बोत्सवाना के रष्ट्रपति इयान खामा चीन द्वारा लगातार राजनितिक और कूटनीतिक फैसलों को लेकर काफी गुस्से में है! चीन बोत्सवाना के हीरो की खानो पर अपनी नजर गड़ाए हुए है और इसी सन्दर्भ में चीन बोत्सवाना को कूटनीतिक तरीके से धमकाने की कोशिश भी कर रहा है!

बोत्सवाना के राष्ट्रीय अखबार बोत्सवाना गार्जियन के मुताबिक बौद्ध धर्म के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा इस महीने के 17 से 19 अगस्त तक बोत्सवाना की राजधानी गेबोरोनी के दौरे पर जाने वाले थे!लेकिन चीन अपनी दादागिरी हर जगह दिखाना चाहता है, और दलाई लामा इस दौरे का भी विरोध कर रहा था! इसी को लेकर चीन ने बोत्सवाना को दलाई लामा की आगवानी ना करने की चेतावनी दे डाली थी! अखबार ने जानकारी दी है कि दलाई लामा का ये निजी दौरा था और वे यहां पर आध्यमिकता, विज्ञान और मानवता पर प्रवचन देने वाले थे!

लेकिन चीन के इस रुख से बोत्सवाना के राष्ट्रपति काफी चिढ गए और चीन को उनके आंतरिक मामलों में दखल न देने की नसीहत दे डाली और उन्होंने चीन को दो टूक कहा कि उनका देश चीन का गुलाम नहीं है! चीन के धमकी के परवाह किये बिना इयान खामा दलाई लामा से मिलने वाले थे, लेकिन दलाई लामा के डॉक्टरों ने उनकी स्वस्थ को लेकर चिंता जताई जिसके बाद दलाई लामा ने अपना ये दौरा रद्द कर दिया जिसके पश्चात् यह कूटनीतिक तनाव का खत्म हुआ!

बोत्सवाना के राष्ट्रपति इयान खामा ने अपने देश के अख़बार बोत्सवाना गार्जियन को दिये इंटरव्यू में कहा, “उन्होंने (चीन ने) तरह तरह की धमकियां दी- चीन अपना राजदूत वापस बुला लेगा, दोनों देश के बीच रिश्ते खराब हो जाएंगे, चीन दूसरे अफ्रीकी देशों की मदद से बोत्सवाना को अलग-थलग कर देगा!” लेकिन इन सब धमकियों के बाबजूद भी बोत्सवाना के राष्ट्रपति झुके नहीं और वो अपने फैसले पर अडिग रहे! जब तबियत खराब होने की वजह से दलाई लामा का दौरा रद्द होने की खबर आई तो बोत्सवाना के राष्ट्रपति ने कहा, ‘ हम उम्मीद करते हैं कि उनकी सेहत जल्द ठीक होगी और एक बार तंदुरुस्त होने के बाद निश्चित रुप से उनका बोत्सवाना में स्वागत है, वे यहां आएं और घुमें!”

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बक्सर के पूर्व DM मुकेश पांडेय का अपनी बेटी के लिए डांस करता वीडियो आया दुनिया के सामने!

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10 अगस्त को बक्सर के डीएम ने ट्रेन से कट कर खुदखुशी कर लिया था! अपने सुसाइड नोट में उन्होंने किसी को जिम्मेवार नहीं ठहराया था लेकिन उन्हें अपनी तीन माह की बेटी से बहुत प्यार था! बेटी को खुश करने के लिए मुकेश काफी देर तक डांस करते रहते थे! मुकेश की मौत के एक सप्ताह बाद गुरुवार को उनके ससुर राकेश कुमार मीडिया के सामने आए और दामाद की मानसिक हालत पर सवाल उठाते हुए उसे पागल बताने की कोशिश की!

राकेश ने UPSC के चयन पर भी सवाल उठाया! लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू के दौरान मनोरोग विशेषज्ञ भी रहते हैं, जो कैंडिडेट की मानसिक हालत को परखते हैं! ऐसे में मुकेश की मानसिक हालत का ठीक न रहना उनपर भी सवाल खड़ा करता है! मैं बेटी की शादी के लिए आईएएस दामाद खोज रहा था! छह फीट दो इंच लंबे और मजबूत कद-काठी वाले मुकेश को देखकर कभी नहीं लगा कि उन्हें कोई मानसिक रोग है और कभी सुसाइड कर सकते हैं!

देखिए इस वीडियो को – इस वीडियो को लेकर मुकेश पांडेय के ससुर ने उनके मानसिक स्थिति पर सवाल खड़ा किया है!

मुकेश द्वारा बनाए गए वीडियो में उनकी मां और पत्नी के बीच अच्छे संबंध नहीं होने की बात को गलत बताते हुए राकेश ने कहा कि कुछ महीने पहले मुकेश के माता-पिता गुवाहाटी से पटना आए थे और उनके घर पर ठहरे थे! मुकेश ने आयुषी को माता-पिता के साथ गया, राजगीर सहित अन्य पर्यटक स्थलों पर भेजा था! यदि सास और बहू के बीच खराब संबंध होते तो मुकेश ऐसा नहीं करते! आयुषी हमेशा पति मुकेश के साथ रही! गर्भावस्था में मुकेश के कहने पर ही वह मायके में रही और बेटी को जन्म दिया! 8 अगस्त को मुकेश ससुराल आए थे! तीन महीने की बेटी के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए बच्चों की तरह नाच रहे थे! इसका वीडियो भी बनाया था!

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लद्दाख: चीनी और भारतीय सैनिको के बिच पथरबाजी का वीडियो वायरल, देखिये जवानों ने कैसे खदेड़ा!

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भारत-चीन के बिच पिछले कुछ समय से सिमा पर काफी तनाव व्याप्त है! सिक्किम डोकलाम में दोनों ही देशो की सेनाये डेरा जमाये हुए है और पीछे हटने को तैयार नहीं है! चीनी घुसपैठ की एक और खबर सामने आ रही है! भारतीय सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों ने मंगलवार को लद्दाख में मशहूर पानगोंग झील के किनारे चीनी सैनिकों की भारतीय सिमा में घुसने की कोशिश को नाकाम कर दिया! चीनी सैनिक बौखला गए और इसके बाद पथराव शुरू कर दिया जिसके जबाब में भारत की ओर से जबाब में पथराव किया गया! इस पुरे घटना में दोनों तरफ के लोगों को मामूली चोटें आई हैं!

भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों ने सुबह छह बजे से नौ बजे के बीच लद्दाक के दो इलाकों- फिंगर फोर और फिंगर फाइव में भारतीय सीमा में दाखिल होने का दो बार प्रयास किया! लेकिन इन दोनों मौकों पर भारतीय जवानों ने उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया! जाहिर हो चीन की ये पहली कोशिश नहीं थी जब वो भारतीय सिमा में घुसने का कोशिश किया हो! चीन हमेशा से भारतीय सेना में घुसने का प्रयास करता रहा है, और हाल के दिनों में इनकी घुसपैठ की कोशिश काफी तेज हो गयी है!

जब चीनी सैनिक भारतीय सिमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे तो उन्होंने देखा कि उनके सामने भारतीय सैनिक मानव श्रृंखला बनाकर खड़े हैं और वो भारतीय सिमा में प्रवेश नहीं कर सकते तो उन्होंने थक-हार कर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया! इसके बाद भारतीय जवानों ने तत्काल जवाब देते हुए चीनियों पर भी पथराव किया! इस घटना में दोनों तरफ के लोगों को मामूली चोटें आईं और रस्मी ‘बैनर ड्रिल’ के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया! बैनर ड्रिल में दोनों ही तरफ के सैनिक वापस पीछे जाने के लिए पहले बैनर दिखाते हैं और अपने सिमा में लौट जाते है!

देखिये वीडियो

हलाकि इस पुरे घटना पर नयी दिल्ली में सेना के एक प्रवक्ता ने किसी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार किया! भारत और चीन के बिच सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में दोनों देशों के बीच गतिरोध बना हुआ है, और अब दूसरी तरफ लदाख में भी चीन अपने नापाक मंसूबो के जरिये घुसपैठ की कोशिश कर रहा है!

अधिकारियों ने कहा कि भारतीय पक्ष ने 1990 के दशक के आखिर में हुई बातचीत के दौरान जब इस इलाके पर दावा किया था तब चीनी सेना ने मेटल-टॉप रोड का निर्माण किया था! चीन ने तब इसे अक्साई चीन का हिस्सा बताया था! आज इसी वजह से लद्दाक के इस सेक्टर में चीन अक्सर भारतीय सिमा में घुसपैठ की कोशिश करता रहता है!

चीन ने फिंगर फोर तक सड़क का निर्माण कराया था जो सिरी जाप इलाके में आता है और वास्तविक नियंत्रण रेखा से पांच किलोमीटर की दूरी पर है. इससे पहले चीनी सैनिकों की गश्त इस झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से बार बार होने लगी थी! इस झील का 45 किलोमीटर का हिस्सा भारतीय क्षेत्र में है और 90 किलोमीटर चीनी क्षेत्र में है!

भारतीय सुरक्षा बलों के पास अब तेज गति वाली इंटरसेप्टर नौकाएं हैं जो अमेरिका से खरीदी गई हैं और एक नौका पर करीब 15 सैनिक एक बार में सवार हो सकते हैं! यह रडार, इन्फ्रा-रेड और जीपीएस सिस्टम से लैस है! ये नौकाएं चीन की नौकाओं के बराबर ही अच्छी हैं और इनका इस्तेमाल इलाके में टोह लेने तथा गश्त के लिए किया जाता है!

दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) में मई, 2013 में तीन सप्ताह तक चले गतिरोध के बाद झील के किनारों से लगे इलाकों में हालात हमेशा तनावपूर्ण रहे हैं क्योंकि भारतीय गश्ती दल ने कई बार चीनी सैनिकों को रोका है!

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केजरीवाल खुद 15 अगस्त समारोह में चप्पल पहन दिखावा करते है और फैमिली स्विटजरलैंड की सैर !

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नई दिल्ली: अरविन्द केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री है और उनकी सैलेरी भीऔर अच्छी खासी है! रहने के लिए बांग्ला मिला हुआ है! कही भी जाने के लिए सरकारी गाडी! इसके बाद एक आदमी के सैलेरी से कितना खर्च होता होगा उनके खाने पिने पर सोचने वाली बात है! लेकिन अरविन्द केजरीवाल दिखावा करने में मास्टर है, उन्हें जब कभी भी सार्वजनिक समारोह में जाना होता है तो चप्पल पहनकर ढीला ढला शर्ट लगाकर पहुंच जाते है और दिखने की कोशिश करते है की उनके पास पैसे नहीं है और वो आम आदमी है!

वैसे आम आदमी पार्टी चुनाव से पहले दिन में तेरह बार यही कहा करती थी की VIP कल्चर ख़त्म करना है, दिन रात रैलियों में रोड शो में और हर भाषण में यही बातें कही जाती थी की हम राजनीती करने नहीं बल्कि राजनीती बदलने आये है! लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं होगा, कोई भी मंत्री गाड़ियों के काफिले के साथ नहीं चलेगा!हम आम आदमी है, हमारे पास चुनाव लड़ने के पैसे नहीं है, चप्पल, फटा कुरता खूब चमकाया था और तो और वो नीली रंग की वैगन आर सबको याद होगा!

खैर छोड़िये एक बात आप ये बताइये छुटियो में आप घुमने के लिए कहा जाते है? शिमला, मसूरी या फिर कुल्लू मनाली अगर वाकई एक आम आदमी है और मिडिल क्लास फैमिली से है तो इससे जयते आपकी जेब इजाजत भी नहीं देती! लेकिन एक बात आपको पता होनी चाहिए की देश के सबसे बड़े आम आदमी और दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल का परिवार छुटिया मानाने कहा गया है!

एक न्यूज़ वेबसाइट में छपी खबरों के मुताबिक केजरीवाल की पत्नी श्रीमती सुनीता केजरीवाल और दोनों बच्चे स्विट्ज़रलैंड के वादियों में छुटियो का लुफ्त उठा रही है! स्विट्ज़रलैंड दुनिया के सबसे महंगे टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक है जिसके बारे में एक आम आदमी सपने में भी नहीं सोच सकता! खबर के मुताबिक केजरीवाल फैमिली पिछले साल जून में भी स्विट्ज़रलैंड की सैर पर था!

अब सवाल तो उठेंगे ही की एक आम आदमी जिसके पास दो जोड़ी जुते खरीदने तक के पैसे नहीं है और वो हर सार्वजनिक कार्यक्र्म में चपल पहन कर जाता है क्या उसका परिवार इतने महंगे टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर जा सकता है! या फिर केजरीवाल आम आदमी होने का सिर्फ दिखावा मात्र करते है?

केजरीवाल स्वतंत्रता दिवस के समारोह में अपनी एक जोड़ी सैंडल और अपने साधारण से कपड़े दिखा रहे थे! वही दूसरी ओर उनकी फैमिली तो स्विटजरलैंड में छुटिया मानाने भी जाती है!

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VIDEO : मोदी के शासन में तो कश्मीर भूल जाओ, हम कुछ नहीं कर सकते – पाक मीडिया!

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भारत और पाकिस्तान के रिश्ते ऐसे है की हमेशा दोनों के बिच काफी गहमा गहमी चलती रहती है, और इसमें दोनों देशो की मीडिया भी कम नहीं है! मीडिया वाले रोज किसी न किसी बुद्धिजीवी, नेता और सुरक्षा विशेषज्ञ को बुलाकर बहसबाजी कराते रहते है! भारत तो अपने जगह पर स्थिर है और भारत का चौतरफा विकास भी हो रहा है लेकिन पकिस्तान सिर्फ भारत को बर्बाद करने के सपने देखता है! मगर पकिस्तान में कुछ बुद्धिजीवी वर्ग है जो थोड़ा समझदार है वो भारत की शक्ति को जनता है और मीडिया वालो को असलियत से रूबरू कराते रहते है!

पाकिस्तान आये दिन कश्मीर का राग अलापते रहता है, पाकिस्तानके के पास जैसे और कोई मुद्दा ही नहीं है, पाकिस्तान कभी अपने देश की विकाश के बारे में नहीं सोचता और तो और पाकिस्तान की हुकूमत भी ऐसे लोगो को सौपी जाती है जो आतंकियों को सह दे सके और उनके नापाक मंसूबो के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल होने दे!

खैर छोड़िये पाकिस्तान चाहे जितनी भी कोशिश करले लेकिन कश्मीर भारत का था भारत का है और आगे भी भारत का ही रहेगा! आज पाकिस्तान में हालात इतने बत्तर है की लोगो को साफ पिने का पानी तक नहीं मिल रहा है, गरीबो को रोज मररा की जरूरतों के लिए एड़ी चोटी एक करनी पद रही है ये सब सिर्फ इसलिए क्योंकि पाकिस्तान के नेता और सेना अपने देश का विकाश करने के वजाए पडोसी मुल्को में आतंकवाद फ़ैलाने के लिए आतंकियों पर पैसे खर्च कर रही है!

जहा एक तरफ भारत आज विश्व गुरु बनने जा रहा है वही पाकिस्तान की हालात दिनों दिन और भी बत्तर होती जा रही है, वहाँ के नेता और फ़ौज के आला अफसर सिर्फ लोगो के दिल में नफरत पैदा करके हुकूमत करना जानते है, तभी तो कोई वह विकाश के मुद्दों पर बात नहीं करता! सिर्फ और सिर्फ भारत को कैसे परेशान किया जाये इशी की बात होती है! पाकिस्तान के अलग होने के इतने दिन बाद भी वहां की ९८% जनता आज भी गरीबी और लाचारी में जी रही है!

देखिये पाकिस्तान के न्यूज़ शो की ये डिबेट! इस डिबेट के सभी पेनलिस्ट थके हारे से लग रहे है, मानो अब इनके हाथ खड़े हो गए है! हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को लेकर दोनों देशो के मीडिया पुरे जोश से अपना अपना पक्ष रखने में लगे है! पर इस पाक की डिबेट से लगता है की पाकिस्तान कहीं न कहीं बैक फुट पर है!

मोदी सरकार ने पकिस्तान को हर स्तर पर पटखनी देनी शुरू कर दी है, अब उन्हें कश्मीर की चिंता छोड़कर बलूचिस्तान और सिंध को बचाने के ऊपर अपना ध्यान लगाना चाहिए! जाहिर हो नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को चेताया था की कश्मीर तो भारत का है ही अब पाकिस्तान ऑक्युपाइएड कश्मीर के मुद्दे पर बात होगी, साथ ही मोदी ने बलूचिस्तान का मुद्दा भी उठाया था!

प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे को भूलकर POK और बलूचिस्तान के बारे में बात करने को क्या कहा पाकिस्तान की मानों पैरो तले जमीन ही खिसक गयी है, और तो और दुनिया भर में बलूचिस्तान की आज़ादी की मांग को लेकर बलूचिस्तानी नेता एक बार फिर सक्रिय हो गए है और बलूचिस्तान की आज़ादी की मांग उठने लगी है!

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