“बंगले में अपना पैसा लगाया था” कहकर फंसे अखिलेश, आये आयकर विभाग के राडार में!

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. सबसे पहले तो उन्होंने सरकारी बंगले को छोड़ते वक़्त वहां खूब तोड़फोड़ की और काफी सामान व् पौधे चोरी करके ले गए, उसके बाद जबा योगी सरकार ने जांच के आदेश दिए तो बौखलाए अखिलेश ने योगी सरकार को खूब भला-बुरा कहते हुए नशेड़ी, गंजेड़ी जैसे निम्न कोटि के शब्दों का इस्तमाल करते हुए अपनी असभ्यता का प्रदर्शन भी किया.

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टैक्स की चोरी करके बंगले पर खर्च किये?
अखिलेश ने देखा कि उनकी इस करतूत से उनकी और उनकी पार्टी की खूब मिटटी-पलीत हो रही है, तो उन्होंने सामने आकर दावा ठोक दिया कि वो सब सामान तो उन्होंने सरकारी पैसे से नहीं बल्कि अपने खुद के पैसों से लगवाया था. उन्होंने कहा कि वो सब सामान उन्होंने अपने पैसों से इसीलिए लगवाया था, ताकि जाते वक़्त वो सब कुछ साथ ले जाएँ.

मगर अब खबर आ रही है कि अखिलेश का ये दांव उन्ही पर भारी पड़ गया है और अब वो आयकर विभाग की नज़र में आ गए हैं. अपना बँगला आलीशान बनवाने के लिए अखिलेश के पास सैकड़ों करोड़ रुपये आये कहाँ से? उन्होंने इसका हिसाब आयकर रिटर्न भरते वक़्त दिया क्यों नहीं?

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आयकर विभाग को इस पैसे की जानकारी दें अखिलेश!
अब या तो अखिलेश सरासर झूठ बोल रहे हैं और जनता के पैसों को अपनी अय्याशी में उड़ाने के बाद जब पोल खुल गयी, तो उसे अपना पैसा बता रहे हैं. या फिर उन्होंने अपना पैसा ही बंगले में लगाया मगर उसकी जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी, लिहाजा अखिलेश ने कालेधन से बंगले को आलीशान बनवाया. दोनों ही सूरतों में जांच तो होगी और अखिलेश फंसते नज़र आ रहे हैं.

बता दें कि अखिलेश के आरोपों को नकारते हुए यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने भी कहा है कि अखिलेश की बौखलाहट खिसयानी बिल्ली खंभा नोंचे जैसी हो गई है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अगर अखिलेश ने बंगले में अपना पैसा लगाया है तो इनकम टैक्स में वो इस पैसे का हिसाब दें कि आखिर इतना पैसा उनके पास आया कहाँ से?

मेरा सामान था, इसलिए उखाड़ा
अखिलेश यादव ने सबसे पहले कहा कि बंगले का सारा सामान मेरा था और बंगला मैंने अपनी पसंद से बनवाया था. साथ ही अपने तेवरों में सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा था कि जलन में सब अंधे हो गए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि बंगले में कोई तोड़फोड़ नहीं की गई है. सिर्फ तस्वीरों के जरिए उन्हें बदनाम किया जा रहा है. साथ ही कहा कि अभी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा हूं.

अखिलेश यादव ने कहा कि जब उन्हें बंगला मिला था, तब की हालत देखिए और साथ ही कहा कि उनके बंगले में स्वीमिंग पूल तो था ही नहीं. साथ ही अपने कामों की तारीफ करते हुए बोले कि मैं दुनिया का सबसे अच्छा हाइवे बनवाया.

बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग गोरखपुर और फूलपूर की हार नहीं पचा पा रहे हैं, इसलिए उन पर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं. साथ ही ये भी बोले कि जो चीजें मेरी थी, वो मैं अपने साथ ले गया. साथ ही कहा कि बीजेपी का दिल छोटा है और उन्हें महज एक टोंटी के लिए बदनाम किया जा रहा है.

भ्रष्टाचार के पैसों से अखिलेश ने बँगला सजाया?
अब देखना ये होगा कि अखिलेश के साथ क्या होगा. यदि उन्होंने सरकारी पैसे का दुरूपयोग करके जनता के टैक्स का इतना सारा धन अपने ऐशों-आराम पर खर्च कर लिया और बाद में सामान उखाड़ कर साथ ले गए तो ये चोरी कहलाएगी और उन्हें हर्जाना भरना पडेगा. और यदि गलती से ये साबित हो गया कि ये सारा पैसा वाकई में उन्होंने अपनी जेब से ही भरा था, तब तो लेने के दें पड़ जाएंगे, क्योकि इस सूरत में उन्हें आयकर विभाग को जानकारी देनी होगी कि आखिर उनके पास इतना सारा पैसा कहाँ से आया और इसकी जानकारी उन्होंने आयकर विभाग को क्यों नहीं दी?

क्या उन्होंने टैक्स की चोरी की? ऐसा है तब तो ये और भी ज्यादा संगीन मामला बनता है. क्योकि इसका मतलब हुआ कि सीएम रहते हुए वो खुद ही टैक्स की चोरी कर रहे थे. एक सीएम की तनख्वाह इतनी भी नहीं होती कि वो करोड़ों खर्च कर दे, तो क्या ये पैसा कालाधन था, जो उन्हें भ्रष्टाचार के जरिये प्राप्त हुआ? क्योकि अखिलेश के कार्यकाल के दौरान शुरू किये गए कई प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार हुआ था और योगी सरकार उनकी जांच भी करवा रही है.

अखिलेश जितनी होशियारी मार रहे हैं, उतना ही फंसते जा रहे हैं. योगी सरकार उन्हें ऐसे ही छोड़ने वाली नहीं है. ऐसा लग रहा है कि अपनी बौखलाहट में वो अपना ही पर्दाफ़ाश करते जा रहे हैं.

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