सेना हथियार का इस्तेमाल छोड़े, तभी देंगे कश्मीर मुद्दे पर सरकार का साथ – कांग्रेस

कश्मीर: हाल के दिनों में भारतीय सेना पर हो रही पथरबाजी और गलत वयवहार ने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है की क्यों न कश्मीरी पथरबाजो से अब सख्ती से निपटा जाये! और आखिरकार भारतीय सेना ने देशद्रोहियों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है और अब पत्थरबाजों के साथ कोई रहम नहीं दिखा रही है! पथरबाजी का ये शिलशिला पिछले साल से ही जारी है, आये दिन घाटी क्षेत्र में पुलिस और भारतीय सेना के ऊपर कश्मीरी लड़को द्वारा पत्थरबाज़ी की जाती है! हलाकि भारत सरकार ने पहले ही साफ़ तौर से निर्देश जारी किये हैं कि अब इस तरह की घटनाओ में संलिप्त लड़को के साथ कोई रहम नही दिखाया जाएगा!

आज के तारीख में कश्मीर में जो हालत उत्पन्न हुआ है, उसके लिए पिछली सरकार बहुत हद्द तक जिमेवार है, उन्होंने समय रहते कड़े कदम नहीं उठाये और जब नरेंद्र मोदी ने सेना को छूट दी तो उसका नतीजा सामने है, आयेदिन सेना के खिलाफ प्रदर्शन का दौर जारी है, पथरबाजी होती है, सेना के जवानो को राह चलते बेइजत्त किया जाता है!

दूसरी ओर अगर कांग्रेस की बात करे तो वो राष्ट्रवाद और देशभक्ति का कितना पक्षधर है इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कश्मीर में हमारी सरकार और सेना आतंकवाद,पत्थरबाज और अलगाववाद का सामना बम, बंदूख और कई सारे हथियारों से कर रही है पर कांग्रेस इसका हल शांतिपूर्ण चाहता है! आय दिन कश्मीर में आतंकी हमले होते है साथ में सेना पर पत्थर बरसाए जाते है इसके बावजूद आखिर समय समय पर ऐसे बेतुके बयान देकर कांग्रेस देश को क्यों शर्मसार करती है यह समझ से परे है!

बताते चले की कांग्रेस नेता गुलाब नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा है कि सरकार ने कश्मीर में बातचीत के सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं जिससे राजनीतिक घुटन की स्थिति बनी है। बंदूर से कश्मीर में तनाव का समाधान नहीं निकाला जा सकता है. अगर सरकार सोचती है कि कश्मीर में तनाव समाप्त करने का एकमात्र रास्ता बंदूक है तब हम उनके साथ नहीं हैं. राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि पहले जब भी कश्मीर का मुद्दा उठा, उसमें पाकिस्तान के बारे में चर्चा हुई। लेकिन अब हम चीन के बारे में पढ़ और सुन रहे हैं। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सिक्किम सेक्टर में भूटान के पास चीन के साथ जारी गतिरोध के विषय पर भी चर्चा होनी चाहिए।