तो केजरीवाल कवि से नेतागिरी छोड़ अपने ऊपर कविताये लिखने को कहते थे, जैसे दिनकर नेहरू के लिए.. कुमार विश्वास ने 1 लिखा है

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया है, तीन सीटों के लिए संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता का नाम तय किया गया है, ये खबर नहीं बल्कि आप के कार्यकर्ताओं के साथ साथ कुमार विश्वास के लिए भी धमाके से कम नही था। राज्यसभा के लिए कुमार प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन केजरीवाल ने उनका पत्ता काटते हुए 40 दिन पहले कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हुए सुशील गुप्ता और सीए एनडी गुप्ता का नाम फाइनल कर दिया। इसी के साथ कुमार के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने पार्टी में रहकर लड़ाई जारी रखने के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की ठानी है!

राज्य सभा सीट नहीं मिलने के बाद कुमार पहली बार किसी टीवी के लिवे शो में पहुंचे थे! हिंदी न्यूज चैनल इंडिया टीवी के एक कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने बताया कि अरविंद केजरीवाल उनसे अपने ऊपर कविताएं लिखने को कहते थे! इस शो में कुमार ने केजरीवाल पर और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी महज दो-तीन लोगों की मंडली नहीं है! कवि से राजनेता बने कुमार विश्वास ने कहा, ‘आम आदमी पार्टी दो या तीन लोगों की मंडली नहीं है, यह पार्टी लाखों कार्यकर्ताओं की पार्टी है जो बाहर काम कर रहे हैं!’

कुमार विश्वास ने इतिहास का जिक्र करते हुए केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओ को याद दिलाया कि ‘जब नंदवंश के महामंत्री दांडायन ने चाणक्य पर राजद्रोह का आरोप लगाया, तो चाणक्य का जवाब था ‘केवल नंदवंश ही मगध नहीं है! इसी तरह आम आदमी पार्टी दो या तीन लोगों की मंडली नहीं है, यह लाखों कार्यकर्ताओं की पार्टी है जो कि बाहर इंतजार कर रहे हैं! दो या तीन लोग मेरे खिलाफ बोल सकते हैं, पार्टी का सामान्य कार्यकर्ता किसी भी नेता को ‘जी’ कहकर संबोधित करता है, लेकिन वे मुझे ‘कुमार भैया’ से संबोधित करते हैं और यह पार्टी में मेरी ताकत है!’

कुमार विश्वास ने इस शो में बताया कि अरविंद केजरीवाल उनसे कहा करते थे कि जैसे दिनकर नेहरू जी के लिये कविताएं लिखते थे वैसे तुम भी मेरे ऊपर लिखा करो! तुम कैसे कवि मित्र हो जो मेरे लिये कविताएं नहीं लिखते! कुमार विश्वास ने बताया कि इसिलिए पिछले तीन दिनों में मैंने उनके लिए जीवन की पहली औऱ आखिरी कविता लिख दी है! शो में कुमार विश्वास ने उनपर लिखी कविता को पढ़ कर भी सुनाया! इस कविता में कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर जमकर हमला बोला है!

केजरीवाल के लिए कुमार की पहली औऱ आखिरी कविता