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स्वतंत्रता दिवस पर भी रवीश कुमार ने सरकार पर साधा निशाना, एंकर्स को बताया गुलाम!

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नई दिल्ली: जहां एक तरफ 15 अगस्त को भारत का 71वां स्वतंत्रता दिवस मन रहा था तो न्यूज़ एंकर रविश कुमार इस मौके पर भी सरकार को कोसने और अपनी राजनीतिक अजेंडे को अंजाम देने से बाज नहीं आये! भारत सन 1947 में 15 अगस्त को आजाद हुआ और तब से लेकर हर साल इस दिन देश का प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते है और देश को संबोधित करते है! पीएम मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बने और इस साल चौथी बार आजादी की वर्षगांठ पर लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित किया! देश के लगभग हर राष्ट्रीय न्यूज़ चॅनेल और अखबारों में पीएम के भाषण का प्रमुखता से जगह मिली!

15 अगस्त की एक खास बात ये भी है कि इस दिन हर भारतवासी अपने घरों, कार्यालयों या फिर सार्वजनिक सथलो पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है! शायद यही वजह है कि NDTV न्यूज चॅनेल के एंकर रवीश कुमार ने इस साल 15 अगस्त पर आम लोगों से नेताओं की तरह अपना-अपना भाषण साझा करने की अपील की! रविश कुमार ने इसकी खुद से पहल भी की और उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर अपना भाषण शेयर किया! रविश कुमार ने देखिये अपने भाषण में क्या लिखा है!

नीचे पढ़ें रवीश कुमार का भाषण

मेरा भाषण-

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं! 15 अगस्त सिर्फ 15 अगस्त में नहीं है वो उन तमाम संघर्षों में हैं जो आम लोगों के हक और आज़ाद भारत के स्वप्न को ज़िंदा रखने के लिए किए जा रहे हैं! ऐसे लाखों लोगों की संघर्ष भावना को बधाई! सरकारें आज भी झूठ बोलती हैं! नेता आज भी झूठ बोलते हैं! झूठ की इन रवायतों के ख़िलाफ़ आज़ादी का जंग जारी रहे! गोदी मीडिया की लरज़ती ज़बान बता रही है कि हमारी इस आज़ादी पर किसी की नज़र लग गई है! आज न कल आप इस गोदी मीडिया से आज़ादी के संघर्ष में सड़क पर उतरेंगे! हमारी आज़ादी की सबसे बड़ी निशानी आज़ाद नहीं है! कोई शक!

ये जो सूट में एंकर दिख रहे हैं वो हमारी आज़ादी के घटते स्तर हैं! बच्चों की मौत पर भी वो गीतों के राग में उलझे रहे! आज़ादी का सबसे बड़ा मूल्य जीवन के सम्मान और सवाल में है! गोदी मीडिया हर भारतीय के लिए दैनिक शर्म का प्रतीक है! आपको जागना ही होगा! वरना एक दिन आपका भी गला घोंटा जाएगा और गोदी मीडिया किसी और के गीत में मशगूल हो जाएगा! जो बाहर से दिख रहा है उसकी ये हालत है तो अंदाज़ा कीजिए अंदर क्या हालात होंगे! चुप्पियों की असंख्य मजबूरियां लिखी जा रही हैं! डरपोकों की जमात पैदा हो रही है जो बोलने पर धावा बोलती हैं!

एक अरब की आबादी वाले बेमिसाल मुल्क हिन्दुस्तान के ये पांच पचीस एंकर ग़ुलाम हो चुके हैं! इनकी आज़ादी की दुआ कीजिए! इनके मालिकों की आज़ादी की दुआ कीजिए! ये हाथ में तिरंगा लेकर आपसे दिन रात झूठ बोल रहे हैं! तिरंगे की शान को हर दिन कम कर रहे हैं! जिस तिरंगे को लहराने के लिए लोग सीने पर गोलियां खा गए, उस तिरंगे को हाथ में लेकर ये टीवी चैनल के एंकर सत्ता की खुशी के लिए आपसे झूठ बोल रहे हैं! ये आपके लोकतंत्र की हार है! आपके आज़ादी के सपनों की हार है! चैनलों के लिए सत्ता की रज़ामंदी ही मुल्क है! उसके चरणों में बैठना ही इनके लिए आज़ादी है!

मेरे देशवासियों, एक बार फिर से जवानी के ख़्वाब देखो! एक बार फिर से आज़ादी के ख़्वाब देखो! इस ख़्वाब के लिए टीवी चैनल बंद कर दो! आप राजनीतिक निष्ठा में इन बातों को नज़रअंदाज़ किए जा रहे हैं! टीवी के बग़ैर भी आप राजनीतिक निष्ठा निभा सकते हैं! मगर अपने आज़ाद स्वाभिमान से कैसे समझौता कर सकते हैं! कैसे आप इस गोदी मीडिया की झूठ को ख़रीद सकते हैं! हमारा मीडिया चरमरा गया है! उसे जब सत्ता से आलोचना की रियायत मिलती है तब वह गोरखपुर की तरफ झांकता है! वरना वो इसी में उलझा रहा कि बच्चों की मौत पर बात कर देने से कहीं हुज़ूर की नाक पर बैठी मक्खी उड़ न जाए!

जो सब भाषणों में कहा जा रहा है, वो झूठ है! उनके दावों की जांच नहीं है! आप इस मुल्क के रहबर हैं! पहरेदार हैं! वो जिन्हें आपने पहरेदार समझा था अब वो हुज़ूर के तिमारदार हो चुके हैं! उनके ख़ातिरदार हो गए हैं! हम उम्मीद करते हैं कि एक दिन आप इस आज़ाद भारत में लड़कर फिर से आज़ाद मीडिया हासिल करेंगे! जहां आपका चेहरा होगा! आपकी बातें होंगी! आपकी जगह नेता और उसके विशालकाय तंत्र के द्वारा बिठाया गया प्रोपेगैंडा नहीं होगा! यह दिल चीर देने वाली विडंबना है कि जिस आज़ादी का जश्न आपने जिन चैनलों पर देखा, वही आज़ाद नहीं हैं! जय हिन्द! जय भारत! भारत माता की जय! वंदे मातरम! वंदे मातरम!

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Proud! लद्दाख में घुसपैठ कर रहे चीनी सैनिकों को भारतीय जवानो ने खदेड़ा!

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भारत-चीन के बिच पिछले कुछ समय से सिमा पर काफी तनाव व्याप्त है! सिक्किम डोकलाम में दोनों ही देशो की सेनाये डेरा जमाये हुए है और पीछे हटने को तैयार नहीं है! चीनी घुसपैठ की एक और खबर सामने आ रही है! भारतीय सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों ने मंगलवार को लद्दाख में मशहूर पानगोंग झील के किनारे चीनी सैनिकों की भारतीय सिमा में घुसने की कोशिश को नाकाम कर दिया! चीनी सैनिक बौखला गए और इसके बाद पथराव शुरू कर दिया जिसके जबाब में भारत की ओर से जबाब में पथराव किया गया! इस पुरे घटना में दोनों तरफ के लोगों को मामूली चोटें आई हैं!

भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों ने सुबह छह बजे से नौ बजे के बीच लद्दाक के दो इलाकों- फिंगर फोर और फिंगर फाइव में भारतीय सीमा में दाखिल होने का दो बार प्रयास किया! लेकिन इन दोनों मौकों पर भारतीय जवानों ने उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया! जाहिर हो चीन की ये पहली कोशिश नहीं थी जब वो भारतीय सिमा में घुसने का कोशिश किया हो! चीन हमेशा से भारतीय सेना में घुसने का प्रयास करता रहा है, और हाल के दिनों में इनकी घुसपैठ की कोशिश काफी तेज हो गयी है!

जब चीनी सैनिक भारतीय सिमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे तो उन्होंने देखा कि उनके सामने भारतीय सैनिक मानव श्रृंखला बनाकर खड़े हैं और वो भारतीय सिमा में प्रवेश नहीं कर सकते तो उन्होंने थक-हार कर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया! इसके बाद भारतीय जवानों ने तत्काल जवाब देते हुए चीनियों पर भी पथराव किया! इस घटना में दोनों तरफ के लोगों को मामूली चोटें आईं और रस्मी ‘बैनर ड्रिल’ के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया! बैनर ड्रिल में दोनों ही तरफ के सैनिक वापस पीछे जाने के लिए पहले बैनर दिखाते हैं और अपने सिमा में लौट जाते है!

हलाकि इस पुरे घटना पर नयी दिल्ली में सेना के एक प्रवक्ता ने किसी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार किया! भारत और चीन के बिच सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में दोनों देशों के बीच गतिरोध बना हुआ है, और अब दूसरी तरफ लदाख में भी चीन अपने नापाक मंसूबो के जरिये घुसपैठ की कोशिश कर रहा है!

अधिकारियों ने कहा कि भारतीय पक्ष ने 1990 के दशक के आखिर में हुई बातचीत के दौरान जब इस इलाके पर दावा किया था तब चीनी सेना ने मेटल-टॉप रोड का निर्माण किया था! चीन ने तब इसे अक्साई चीन का हिस्सा बताया था! आज इसी वजह से लद्दाक के इस सेक्टर में चीन अक्सर भारतीय सिमा में घुसपैठ की कोशिश करता रहता है!

चीन ने फिंगर फोर तक सड़क का निर्माण कराया था जो सिरी जाप इलाके में आता है और वास्तविक नियंत्रण रेखा से पांच किलोमीटर की दूरी पर है. इससे पहले चीनी सैनिकों की गश्त इस झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से बार बार होने लगी थी! इस झील का 45 किलोमीटर का हिस्सा भारतीय क्षेत्र में है और 90 किलोमीटर चीनी क्षेत्र में है!

भारतीय सुरक्षा बलों के पास अब तेज गति वाली इंटरसेप्टर नौकाएं हैं जो अमेरिका से खरीदी गई हैं और एक नौका पर करीब 15 सैनिक एक बार में सवार हो सकते हैं! यह रडार, इन्फ्रा-रेड और जीपीएस सिस्टम से लैस है! ये नौकाएं चीन की नौकाओं के बराबर ही अच्छी हैं और इनका इस्तेमाल इलाके में टोह लेने तथा गश्त के लिए किया जाता है!

दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) में मई, 2013 में तीन सप्ताह तक चले गतिरोध के बाद झील के किनारों से लगे इलाकों में हालात हमेशा तनावपूर्ण रहे हैं क्योंकि भारतीय गश्ती दल ने कई बार चीनी सैनिकों को रोका है!

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अक्षय की कामयाबी के बाद क्या ट्विंकल खन्ना ने की शाहरुख और सलमान की खिंचाई?

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मुम्बई: पिछले कुछ समय से पूरा बॉलीवुड एक हिट हुयी फिल्म के लिए आँखे बिछाये हुए था और अब उनका इंतजार पूरा होता दिख रहा है! अक्षय कुमार की फिल्म टॉयलेट: एक प्रेम कथा ने जबरदस्त कमाई करते हुए वीकेंड में 51.45 करोड़ रुपए का बिजनेस किया! आपको बताना चाहेंगे की बाहुबली-2 के बाद बॉलीवुड में बहुत सी फिल्मे बानी लेकिन कोई भी अच्छी कमाई नहीं कर पाई! फिल्म को मिल रही कामयाबी के बाद अक्षय कुमार रणवीर सिंह के साथ मिलकर ये वक्त हमारा है गाते हुए दिखाई दिए और डांस कर अपनी ख़ुशी जाहिर की!

लेकिन अब अक्षय कुमार की पत्नी ने भी अपने अंदाज़ में पति की कामयाबी पर ख़ुशी जाहिर की है, उन्होंने ट्विटर पर ऐसा ट्वीट किया जिससे एक तरफ फिल्म की कामयाबी का पता चलता है तो दूसरी तरफ उनके ट्वीट का दूसरा अर्थ भी निकलता दिख रहा है! क्योंकि ट्विंकल ने अपने ट्वीट शब्दों को बखूबी पिरोया है, उन्होंने शाहरुख और सलमान की भी खिंचाई कर डाली! दरअसल एक बॉलीवुड हीरोइन के तौर भले ही टविंकल ने खास कमाल ना दिखाया हो लेकिन वो अपने कलम के जरिये बड़ी बड़ी बाते बड़ी आसानी से कह जाती है!

दरअसल पिछले 6 महीनों में बॉलीवुड में कई फिल्में आई, जिनमे सलमान और शाहरुख खान की भी फिल्मे रही लेकिन कुछ ये फिल्मे भी कुछ खाश नहीं कर पायी! चाहे वो सलमान खान की ‘ट्यूबलाइट’ हो या फिर हल ही में रिलीज़ हुयी शाहरुख खान की फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ को दर्शको ने बखूबी नकार दिया! ऐसे में पुरे बॉलीवुड को भी लम्बे समय से एक हिट फिल्म का इंतजार था ताकि वो राहत की सांस ले पाए!

ऐसे में जहा अक्षय की फिल्म टॉयलेट- एक प्रेम कथा ने सबको रहत की साँस दी है तो दूसरी तरफ ट्विंकल ने ऐसे ट्वीट करके शाहरुख और सलमान की हालिया फ्लॉप फिल्मों के जरिए उन पर कटाक्ष किया है! टविंकल ने ट्वीट करके लिखा कि “तो बॉक्स ऑफिस को भी अपना कॉन्स्टिपेशन दूर करने के लिए टॉयलेट की जरुरत है. टॉयलेट एक प्रेम कथा हिट हिट हुर्रे”

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15 Aug पर संबित पात्रा ने लिखा कुछ ऐसा कि लोगो ने कहा – फर्जी देशभक्त!

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आज स्वतंत्रता दिवस की 71वीं वर्ष गांठ हैं। ये राष्ट्रिय पर्व हर्षोल्लास के साथ पूरे देश में मनाया जारहा है। यहाँ तक कि देश के कई स्थानों पर बुरे हालातों में भी स्वतंत्रता दिवस को उसी जोश के साथ मनाया गया । हर तरह तिरंगे लहराते हुवे नज़र आरहे हैं। चारों तरफ एक खुशनुमा सा माहौल है।

इस खुसी के पर्व पर देश के बड़े बड़े नेताओं ने भी समस्त देश वासियों को शुभकामनाएं दी।। सबका शुभकामना देने का अंदाज़ अलग लग था। इस कड़ी को जोड़ते हुवे भाजपा के फायर ब्रांड नेता साम्बित पात्रा ने विश किया। लेकिन उनकी एक गलती की वजह से उन्हें यूज़र्स के निशाने पर आना पड़ा। क्योकि वो हमेशा से ही कट्टर राष्ट्रवादी रहे हैं। इसलिए उनका ट्रोल होना लाज़मी हो गया।

देखें साम्बित पात्रा ने क्या ट्वीट किया ।

दरअसल साम्बित पात्रा ने Independence की स्पेलिंग गलत लिख दी। जिसकी वजह से वो यूज़र्स के निशाने पर आगये। हालांकि की ये कोई बड़ी बात नही है लेकिन आप सभी जानते हैं कि चर्चा में रहने वाले इन नेताओं की एक छोटी सी गलती भी इनको आफत में डाल देती है। क्योकि इनके हर कदम पर हर किसी की पैनी नज़र होती है

साम्बित पात्रा के इस ट्वीट के बाद यूज़र्स के निशाने पर आजये यूज़र्स ने उन्हें जबर्दस्त तरीके से ट्रोल किया। कहा जा सकता है कि हमेशा दूसरों को ट्रोल करने वाले साम्बित आज खुद ट्रोल हो गए।

देखे यूज़र्स के ट्वीट

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कांग्रेस वाले RSS के ऑफिस गये थे तिरंगा फहराने पर ऐसा होगा उन्होंने सोचा भी नही था!

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आज पूरा देश राष्ट्रवाद के मुद्दे पर एक जुट होकर देशद्रोहियो के खिलाफ खड़ा है, चाहे वह JNU में देशद्रोह का मुद्दा हो या फिर कश्मीर! अब कांग्रेस को भी लगने लगा है की राष्ट्रवाद से समझौता नहीं चलेगा! इसी वजह से कांग्रेस ने अपनी अच्छी छवि दिखाने के लिए तिरंगा फहराना आवशक समझ तिरंगे के साथ मार्च निकालना ही उचित समझा। लेकिन वो तिरंगा उन्होंने वहा जहा देशद्रोह के नारे लग रहे थे पूरे जोश में वहा फहराने का निर्णय ना लेते हुए अपनी राजनीती के शत्रु स्वयंसेवक के दफ्तर तक मार्च निकालते हुए वहा झंडा फहराने का निर्णय लिया।

कांग्रेस कार्यकर्ता आज संघ के दफ्तर के लिए निकले। बड़े शोर से जो शुरू हुआ था वो बहुत ही शांतिपूर्वक समाप्त हुआ।थोड़ी हलचल तब हुई जब हज़ारो की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता संघ के दफ्तर के पास रामबन क्षेत्र में एक साथ जुटे और संघ के दफ्तर की और बड़े। पुलिस भी वहा मौजूद थी और उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्तायों को ईमली बाज़ार स्क्वायर पर रोक दिया और केवल १५ कार्यकर्तायों को ही आगे जाने की अनुमति दी!

कांग्रेस कार्यकर्ता जो बहुत ही गर्मजोशी से शुरुवात में संघ के खिलाफ मार्च निकाल रहे थे वो संघ के दफ्तर पहुँचते ही ठण्डे पड़ गए! अब कोई भी नारा संघ के खिलाफ नहीं सुनाई दे रहा था! स्वयंसेवकों ने कांग्रेस वालों का पूरा सम्मान करते हुए उनका स्वागत किया , उनको तिलक लगाया गया , फिर दोनों पक्ष के लोगों ने एक साथ मिलकर भारत माता की जय और वन्दे मातरम का नारा लगाया और मिलकर भारत का झंडा फहराया!

बाद में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में दोनों ने एक दुसरे की प्रशंसा की! कांग्रेस के स्टेट प्रेजिडेंट अरुण यादव ने कहा की संघ ने उनका पूरा सहयोग दिया इसके लिए वो संघ के आभारी है पर उनके कुछ कार्यकर्तायों को बाहर ही रोक दिया गया ऐसा नहीं होना चाहिए था! इसकी प्रतिक्रिया में संघ के प्रवक्ता ने कहा की उन्होंने किसी को भी आने से नहीं रोका है ये तो प्रशासन का निर्णय था और संघ हर वर्ष गणतंत्र और सवतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराता है!

जेएनयू विवाद के विरोध में वैसे तो कांग्रेस संघ मुक्ति दिवस मनाने संघ दफ्तर गई थी किन्तु संघ का ये आदर सत्कार देख वो प्रेस कांफ्रेंस में संघ के ही गुण गाते दिखी। स्वंयसेवकों ने कांग्रेस को स्वादिष्ट नाश्ता भी करवाया और कांग्रेस मना भी नहीं कर सकी! जय हिन्द , वन्दे मातरम!

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नेता हो तो संबित पात्रा जैसा सपा नेता को लाइव टीवी पर कहा ‘गद्दार’ चले जाओ पकिस्तान!

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नई दिल्ली: जब से बीजेपी सत्ता में आयी है और मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने है, देश में मौजूद कुछ पकिस्तान परस्त नेता अब एक-एक कर सामने आ रहे है! इनलोगो की विरादरी ऐसी है की ये कहते तो भारत की है लेकिन गुणगान पाकिस्तान की करते है! इन लोगो को देश की नहीं बल्कि अपने धर्म और कौम की ज्यादा चिंता है, इन्हे भारत माता की जय का उद्घोष करने में आपत्ति है! तो दूसरी तरफ वन्दे मातरम बोलने में इनके धर्म का अपमान होता है!

जब से उत्तरप्रदेश के मदरसों और बीएमसी द्वारा संचालित विद्यालयों में वन्देमातरम के गायन को अनिवार्य किया गया है तभी से इनको बेचैनी की बीमारी लग गयी है! इसी को लेकर देश के एक चैनल न्यूज 18 पर लाइव डिबेट का कार्यकर्म रखा गया था जिसमे हिस्सा लेने के लिए बीजेपी की ओर से प्रवक्ता संबित पात्रा जी आये थे, और संबित के सामने जब कोई देश विरोधी बाते करता है तो वो अपने अंदाज उस नेता की धजिया उड़ा देते है!

जब समाजवादी पार्टी के नेता ने देश विरोधी बाते की! सपा नेता का ये रवैया संबित पत्र को नागवार गुजरा और बस फिर क्या था संबित पात्रा नें नेता को सीधे सीधे देशद्रोही करार दे दिया और उसका ज़बरदस्त विरोध कर दिया! संबित पात्रा को गुस्सा आ गया और उन्होंने कह डाला गद्दार तुझे देश में रहने का कोई हक़ नहीं है, पाकिस्तान चला जा!

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा हमेशा से ही देशभक्तों के प्यारे रहे हैं! बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा के साथ वाद-विवाद पर ना कोई जीत पाया है और ना ही कोई जीत पाएगा! संबित एक कुशल और जानकार व्यक्तित्व के स्वामी है और जब बात देश की और उनकी पार्टी की आती है तो वह विरोधियों के छक्के छुड़ा देते हैं! बीजेपी एक मात्र ऐसी पार्टी है जो राष्ट्रवाद से पीछे नहीं हटती और जिसके लिए देश सबसे पहले है!जब देश के टुकड़े करने के नारे लगाए जा रहे थे तब बीजेपी ने उसका विरोध किया था!

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ओरिजनल बोलकर आपको पकड़ा दिया जाता है डुप्लीकेट सामान – क्या कभी फर्क समझने की कोशिश की ?

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बाजार में इन दिनों बहुत सा लोकल सामान बिक रहा है। ओरिजनल ब्रांड्स के डुप्लीकेट मॉडल भी बाजार में हैं। ऐसे में यह जान पाना बेहद मुश्किल है कि इनमें से कौन सा ओरिजनल है और कौन सा डुप्लीकेट और लोकल है। कई बार तो सस्ते के चक्कर में हम जानबूझकर लोकल सामान खरीदते हैं लेकिन कई बार हमें पता नहीं होता और हूबहू दिखने वाले मॉडल को हम ओरिजनल ब्रांड्स मानकर खरीद लेते हैं। बाद में पता चलता है कि अरे ये तो लोकल है।

इतना ही नहीं कुछ लोग तो डुप्लीकेट को ही ओरिजनल बोलकर लोगों को बेवकूफ बनाते रहते हैं। अधिकांश लोगों को ओरिजनल और डुप्लीकेट में अंतर करना भी पता नहीं होता है। ऐसे में जो जैसा कह दे वो वैसा ही मान लेते हैं। बहरहाल आज हम आपको बताने वाले हैं कुछ मजेदार बातें।

इनके जरिए आप पता लगा सकेंगे कि आखिर कौन सी चीज ओरिजनल है और कौन सी डुप्लीकेट।

चार्जर

ओरिग्नल चार्जर को पहचानने का सबसे आसान सा तरीका है। ओरिजनल और डुप्लीकेट चार्जर को ऐसे पहचानिए। ओरिजनल चार्जर में ग्रिप होती है। यानि की आप जब भी मार्किट से नया चार्जर ले रहे हों इर आप ओरिजनल प्रोडक्ट की कीमत दे रहे हो तो आप आसानी से उसकी असलियत की परख कर सकते हैं।

यूएसबी

मार्केट में बहुत सी यूएसबी देखी जा सकती हैं। इनमें से कुछ असली होती हैं और कुछ नकली। नकली वाले में जो चिन्ह बना होता है वह डार्क काला का होता है जबकि असली वाले में यह निशान हल्का होता है।तो आगे से आप जागरूक रहे ताकि कोई भी आपको झूट बोलकर ख़राब प्रोडक्ट ना पकड़ा सके।

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Video : जब भरी सभा में सरकार की पोल खोल रहे बच्चे के सच के आगे गर्दन झुकाए बैठे रहे नीतीश कुमार !

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दरअसल सम्मेलन में नालंदा के रहने वाले सात साल के कुमार राज को बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर भाषण देने के लिए बुलाया गया था। छोटे से बालक ने जब राज्य की शिक्षा व्यवस्था की परतें खोलना शुरू कीं तो एक समय के लिए मुख्मंत्री के लिए गर्दन उठाकर लोगों की प्रतिक्रिया देखना मुश्किल हो गया। कुमार के भाषण पर पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज रहा था।

कुमार ने अपने भाषण में सरकारी और निजी स्कूलों की व्यवस्था में फर्क बताते हुए कहा, ‘दो तरह की शिक्षा की व्यवस्था है, अमीरों के लिए अलग जिनके बच्चे नामी प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने जाते हैं और गरीबों के लिए अलग जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। इससे साफ मालूम चलता है कि प्राइवेट स्कूलों की अपेक्षा सरकारी स्कूलों में शिक्षा का घोर अभाव है।

आखिर क्या कारण है कि कोई भी डॉक्टर, इंजीनियर, वकील यहां तक कि उस स्कूल के शिक्षक भी अपने बच्चे को सरकारी स्कूल में पढ़ाना नहीं चाहते। यही वजह है कि हम बच्चे हीन भावना का शिकार हो जाते हैं।’

जब कुमार ने भाषण के दौरान एक संयोग पर कहा कि अगर भविष्य में वो प्रधानमंत्री बनते हैं तो वो देश से निजी स्कूलों का नाम और निशान मिटा दूँगा। सारे निजी स्कूलों पर ताले लगा दूँगा। ताकि सभी बच्चे बिना हींन भावना के सरकारी स्कूलों में एक साथ पढ़ सकें। चाहे वो डॉक्टर का बच्चा क्यों ना हो या किसान का बच्चा, चाहे वो इंजीनयर का बच्चा हो या फिर मज़दूर का।

तभी इस देश में समान शिक्षा लागू होगी।’भाषण के अंत में कुमार ने अपनी कही बातों पर निर्णय करने का अधिकार जनता को देते हुए कहा, ‘अब मैं क्या बोलूं। मैंने क्या सही बोला, क्या गलत मुझे नहीं मालूम। इसका निर्णय तो आप लोग कर सकते हैं। एक बात जरूर है कि मेरे दिल में जितनी भी बात थी मैंने कह दी। अब मैं अपने आप को बहुत हल्का महसूस कर रहा हूं।’

देखें वीडियो !

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ममता का तुगलकी फरमान, 70 सालों में पहली बार बंगाल मे नहीं मनेगा स्वतंत्रता दिवस?

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नई दिल्ली। दिन मंगलवार, 15 अगस्त 2017 के दिन के लिए जहां पूरी देश में आजादी का जश्न मनाने को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट ने सभी देशवासियों को झकझोर कर रख दिया। पोस्ट में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के तुगलकी फरमान का जिक्र किया गया, जिसमें उन्होंने राज्य में स्वतंत्रता दिवस न मनाने का निर्देश दिया। आजादी के बाद पहली बार ऐसा होगा जब देश के किसी राज्य में स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाया जाएगा। ख़बरों के मुताबिक़ ममता सरकार ने 11 अगस्त को ये आदेश जारी किया है।

DainikBhaskar.com के मुताबिक़ उसने इसी वायरल दावे को इन्वेस्टिगेट किया…

वायरल मैसेज में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर जारी किए गए एक लेटर के साथ दावा किया जा रहा है, ‘क्या वेस्ट बंगाल भारत से अलग है? ममता बनर्जी ने तुगलकी फरमान जारी कर राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस मनाने पर रोक लगा दी है। लोगों ने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में की है।’इसी से जुड़े अन्य मैसेज में कहा जा रहा है कि ममता सरकार केंद्र के स्वतंत्रता दिवस मनाने के नियमों के खिलाफ हैं। बंगाल में स्वतंत्रता दिवस न मनाने का आदेश देने वाली ममता को नहीं पता कि बंगाल अभी भारत में ही है?

इन्वेस्टिगेशन में सामने आई ये सच्चाई
वायरल मैसेज में दावा ममता बनर्जी के लेटर के हवाले से किया जा रहा है, इसलिए हमने वहां के सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट पर इससे जुड़ी जानकारी सर्च की। काफी सर्चिंग के बाद हमें 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस से जुड़ा बंगाल सरकार का एक लेटर मिला।

पश्चिम बंगाल सर्व शिक्षा मिशन की ओर जारी इस लेटर में लिखा था कि 25 जुलाई को सेंट्रल एचआरडी मिनिस्ट्री के ज्वाइंट सेक्रेटरी की ओर से आए लेटर में पश्चिम बंगाल के स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस मनाने के जो तरीके बताए गए थे उन तैयारियों को फौरन रोक दिया जाए। केंद्र के बताए फॉर्मेट से राज्य में स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाया जाएगा।

सच तक पहुंचने के लिए अब ये जानना भी जरूरी था कि 25 जुलाई के सेंट्रल एचआरडी मिनिस्ट्री के लेटर में स्वतंत्रता दिवस मनाने के कौन से तरीके लिखे थे, ममता सरकार ने जिसके हिसाब से राज्य में 15 अगस्त मनाने से मना किया। काफी सर्च करने के बाद ये लेटर भी मिल गया। लेटर सेंट्रल एचआरडी मिनिस्ट्री के ज्वाइंट सेक्रेटरी मनीष गर्ग की ओर से सभी राज्य सरकारों को भेजा गया था। इसमें स्वच्छता की शपथ लेने, प्रभात फेरी निकालने समेत स्वतंत्रता दिवस मनाने को लेकर 10 तरीके बताए गए थे।

सभी राज्यों को 8 से 15 अगस्त तक इन कार्यक्रमों को अपने यहां करवाने और फिर 20 अगस्त तक इसकी रिपोर्ट सेंट्रल एचआरडी मिनिस्ट्री को देने को कहा था।

पूरे मामले को लेकर वेस्ट बंगाल के एजुकेशन मिनिस्टर पार्था चटर्जी का कहना है, ‘हम केंद्र सरकार की ओर से लेटर भेजकर बताए गए फॉर्मेट में नहीं, बल्कि 69 साल से जैसे वेस्ट बंगाल में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता रहा है, वैसे ही इस बार भी मनाएंगे। उन्होंने साफ़ किया कि बीजेपी हमें देशभक्ति का पाठ न सिखाए। केंद्र सरकार के बताए मुताबिक राज्य के करीब 2 लाख स्कूलों में इन कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी करवाकर उन्हें भेजना मुमकिन नहीं है।

(साभार : दैनिक भास्कर)

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Video : जिस सच्चाई को भारतीय मीडिया को दिखाना चाहिए उसे पाकिस्तानी मीडिया दिखा रही है।

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भारतीय मीडिया के बारे में तो आप जानते ही हैं। अधिकतर मीडिया वाले तो देश विरोधी खबरे चलाने में ही यकीन रखते हैं। उन्हें सिर्फ अपनी जेब मतलब रहता है किसी भी तरह बस जेब भर जाए। निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले बहुत ही कम चैनल हैं। जबकि पत्रकारिता में में सबसे बड़ी बात ये है कि की व्मये जाति, धर्म, से परे निष्पक्ष होती हाउ।

पाकिस्तान हमेशा से अपने देश की विकाश को दरकिनार कर भारत की बर्बादी पर ज्यादा तवज्जो देता रहा है, वहाँ अबतक जितनी भी सरकार आई लगभग सब ने भारत के खिलाफ जहर उगलने का ही काम किया है! इसके अलावे जिस किसी ने भी भारत के साथ दोस्ती की हाथ बढ़ाने की कोशिश की उन नेताओं को इसका खामयाजा बखूबी भुगतना पड़ा! क्युकी वहां की सेना तख्ता पलट कर देती है!

एक बात तो सत्य है की पाकिस्तान जब जब भारत से भिड़ने की कोशिश की है तब तब उसे मुहकी कहानी पड़ी है! भारतीय शुक्रगुजार है अपने सैनिकों का जिन्होंने अपनी जान की परवाह किये बिना पाकिस्तान के नपक इरादों को नेस्तोनाबूत कर दिया! चाहे वो 1971 का युद्ध हो या करगिल!

अब जो वीडियो हम आपको दिखा रहे हैं उसे देखने के बाद आपको गर्व होगा लेकिन आपको बहुत बड़ा दुःख भी होगा। क्योंकि ये सच्चाई पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल ने तो दिखायी लेकिन भारतीय मीडिया ने इस खबर को दिखाना उचित नही समझा। कहा जा सकता है कि बिकाऊ मीडिया को इस खबर को दिखाने में तक़लीफ़ हुई होगी। लेकिन सच्चाई से मुँह नही मोड़ सकते।

पाकिस्तानी चैनल ने अपने चैनल पर लाल बहादुर शास्त्री जी की सच्चाई बयां की। उन्होंने शास्त्री जी की सादगी और उनके ईमादारी की खूब तारीफे की। एंकर ने जो जो बातें बताई उनको सुनके अपने आप में गर्व से महसूश होता है। गुस्सा भी आएगा क्योकि यहाँ की बिकाऊ मीडिया ने ये हक़ीक़त बयाँ की नही । बाकि आप खुद देखिये।

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‘वंदे मातरम’ को लेकर तेजस्वी यादव ने किया विवादित ट्वीट, लोगों का फूटा गुस्सा!

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पटना: बिहार की सत्ता हाथ से जाने के बाद तेजस्वी यादव के पास अब करने को कुछ नहीं बचा, इसलिए वो आये दिन नितीश कुमार के साथ साथ बीजेपी और RSS पर ट्विटर के जरिये निशाना साधते रहते है! तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार द्वारा 15 अगस्त पर वन्दे मातरम गए जाने को अनिवार्य किये जाने के फैसले को लेकर एक विवादित ट्वीट कर दिया है! तेजस्वी के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर लोगो का गुस्सा भड़क उठा और लोगो ने जमकर आलोचना की! तेजस्वी के इस ट्वीट को देखकर आप भी अंदाजा लगा सकते है की किसी लोकप्रतिनिधि को ऐसा नहीं लिखना चाहिए!

तेजस्वी ने अपने ट्वीट में लिखा , “सही कहा इनका “वंदे मातरम्” = बंदे मारते है हम”! हलाकि की तेजस्वी ने एक पत्रकार की ओर से किए गए ट्वीट को रीट्वीट करते हुए इन शब्दों का इस्तेमाल किया!

तेजस्वी के इस ट्वीट के बाद एक ट्विटर यूजर ने तेजस्वी को लिखा “अरे वंदे मातरम से याद आया आपने तो 9वीं के बाद से वंदे मातरम सुना हि नहीं होगा’

लोगो ने अपनी प्रतिक्रिया खूब दी! एक दूसरे उजर संजय सिंह ने लिखा है “आपके माइ समीकरण वाले वोटर “वंदे मातरम” और राष्ट्रगान भी नही गाते है
चारा लारा करते रहिये”

अरविंद मिश्रा नाम के एक अन्य उजर ने लिखा “राष्ट्र शब्दों का अपमान करते हुए आपको शर्म आना चाहिए #लुटेरे”

संजीव सिंह नाम के उजर ने तेजस्वी को अच्छा सबक सिखाया संजय ने तेजस्वी को याद दिलाया की ये एक शब्द नहीं बल्कि भारतीयों का गौरव है! तेजस्वी के इस ट्वीट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए संजय ने लिखा “श्रीमान “वन्दे मातरम “सिर्फ़ एक शब्द नहीं बल्कि हर भारतीय का गौरव है….. शर्म आनी चाहिए आपको इस कृत्य के लिए”

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के मुंबई में बीजेपी-बीएमसी ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसके तहत बीएमसी द्वारा चलाये जा रहे सभी स्कूलों वंदे मातरम् का गया जाना अनिवार्य कर दिया गया है! इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी राज्यभर के सभी सरकारी मदरसों में 15 अगस्त के अवसर पर वंदे मातरम् गायन को अनिवार्य कर दिया!

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नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने सोशल मीडिया पर शेयर की एक फोटो, लोगो ने कहा- बस अब फतवा पहुंचने वाला है!

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नवाजुद्दीन सिद्दीकी के एक्टिंग की लोहा तो पूरा बॉलीवुड मंटा है, ये सख्श एक बेहतरीन कलाकार ही नहीं बल्कि एक नेक इंसान और सच्चा भारतीय हैं! नवाजुदीन जैसे परदे की दुनिया में एक कड़क कलाकार है उसी तरह वो अपनी असल जिंदगी में भी एक मिसाल पेस की है! ये तो जग जाहिर है की नवाजुदीन ने इस मुकाम पर पहुचने के लिए बहुत संघर्ष किया है, वो मुंबई अंडरवर्ल्ड की छत्र-छाया में आगे नहीं बढ़े है बल्कि अपनी क़ाबलियत के बदौलत बॉलीवुड में अपना सिक्का जमाया है!

नवाजुद्दीन ने सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर पर अपने बेटे की तश्वीर पोस्ट की है, इस फोटो में नवाज का बेटा कान्हा बना हुआ है! इस तश्वीर के जरिये नवाजुद्दीन ने हिन्दू मुस्लिम भाईचारा को बढ़ावा दिया है! नवाजुद्दीन को देखकर लगता है की ये है भारत का सच्चा राष्ट्रभक्त मुस्लमान, जो धर्म से पहले राष्ट्र और देशवाशियो के बारे में सोचता है!

हलाकि सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर भी बहस छिड़ी हुयी है की नवाजुद्दीन पर कट्टरपंथी और धर्म के ठेकेदार कही फतवा न जारी कर दे! जहा एक तरफ लोग नवाजुद्दीन के इस पोस्ट को लेकर तारीफ करते नहीं थक रहे है तो दूसरी तरफ कुछ लोगो को यह भी डर है की मौलवी और मौलाना इसे इस्लाम के खिलाफ बताते हुए धर्म से निकलने की बात न कर दे या फिर कोई फ़तवा न जारी कर दे!

इससे पहले भी नवाजुद्दीन अपने सोशल पोस्ट के लिए सुर्खियों में रह चुके है! कुछ दिनों पहले एक वीडियो के जरिये नवाजुद्दीन ने बताया था कि वो कुछ प्रतिशत हिन्दू है, कुछ प्रतिशत मुस्लिम, सिक्ख और कुछ प्रतिशत बुद्धिस्ट भी हैं! उन्होंने यह वीडियो अपने सोशल अकाउंट पर शेयर भी किया था! जिसमें नवाज़ हाथ में प्लेकार्ड लिए खड़े थे! जिसपर लिखा था कि उन्होंने अपना डीएनए टेस्ट करवाया है और रिजल्ट में उन्होंने पाया कि दुनिया में जितने भी धर्म है वो सारे उनके अन्दर है मगर अंत में उन्होंने एक प्लेकार्ड उठाया जिस पर लिखा है कि वो 100 प्रतिशत आर्टिस्ट है!

नवाजुद्दीन के इस भाईचारे के मैसेज को खूब सारा स्नेह!

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गोरखपुर हादसे में ‘हीरो’ बनकर उभरे डॉ कफील हुए बेनकाब, सामने आयी घटना की सच्चाई!

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नई दिल्लीः गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन गैस सिलेंडरों की कमी से अस्पताल में हुई बच्चों की मौत ने पूरे देश को हिला दिया है! इस पूरे घटनाक्रम में एक नाम जो सामने आया वो था डॉ कफील का! घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के डॉ! कफील खान मुश्किल समय में ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाते दिखे! लेकिन अब कफील से जुड़ी कई नई बातें सामने आ रही हैं! जो कि बिल्कुल अलग कहानी दर्शाती हैं!

खबरों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज से जुड़े कई लोगों ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर हैरानी जताई है, जिनमें कफील को किसी फरिश्ते की तरह दिखाया गया है! जबकि सच्चाई बिल्कुल अलग है! डॉ कफील बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इन्सेफेलाइटिस डिपार्टमेंट के चीफ नोडल ऑफिसर हैं लेकिन वो मेडिकल कॉलेज से ज्यादा अपनी प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए जाने जाते हैं!

अस्पताल के सिलेंडर गायब करते थे डॉ कफील

डॉ!कफील पर आरोप है कि वो अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर चुराकर अपने निजी क्लीनिक पर इस्तेमाल किया करता थे, जानकारी के मुताबिक कफील और प्रिंसिपल राजीव मिश्रा के बीच गहरी साठगांठ थी और दोनों इस हादसे के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं! लेकिन हादसे के बाद से ही उन्हें फरिश्ते की तरह दिखाया गया था, कहा जा रहा है कि इसमें उन्होंने अपने पत्रकार दोस्तों की मदद ली!

डॉ!कफील ने मुख्यमंत्री को रखा अंधेरे में

डॉ! कफील मेडिकल कॉलेज की खरीद कमेटी का मेंबर हैं, उन्हें भी ऑक्सीजन सप्लाई की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी थी! 9 अगस्त को जब सीएम योगी आदित्यनाथ मेडिकल कॉलेज के दौरे पर आए थे तो डॉ! कफील भी उनके इर्द-गिर्द घूम रहे थे! लेकिन उसने भी उन्हें ऑक्सीजन की बकाया रकम के बारे में कुछ नहीं बताया!

अस्पताल की हर खरीद पर था कफील का कमीशन

मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो मेडिकल कॉलेज के कई कर्मचारियों और डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है कि डॉक्टर कफील वहां होने वाली हर खरीद में कमीशन लेता था और उसका एक तय हिस्सा प्रिंसिपल राजीव मिश्रा तक पहुंचाता था! ऑक्सीजन कंपनी पुष्पा सेल्स के साथ चल रहे विवाद में भी राजीव मिश्रा के साथ कफील का बड़ा हाथ था! हमने जितने लोगों से भी बात की उनमें से ज्यादातर का यही कहना था कि डॉक्टर राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी पूर्णिमा शुक्ला और डॉ! कफील अहमद सारे हादसे के असली दोषी हैं!

जांच के घेरे में डॉ!कफील

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कई कर्मचारियों ने ही मीडियो को बताया कि 11 अगस्त को जब बच्चों की मौत की खबर पर हंगामा मचा तो कफील अपने प्राइवेट अस्पताल में थे! वहां से उन्होंने कुछ सिलेंडरों को अस्पताल भिजवा दिया! क्योंकि ये वो सिलेंडर थे जो वो खुद मेडिकल कॉलेज से चोरी करके ले गए थे! उन्होंने मीडिया को बताया कि इन सिलेंडरों का इंतजाम उन्होंने अपनी जेब से किया है जबकि ऐसा कुछ नहीं था!

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गोरखपुर: डॉ कफील का घिनौना चेहरा आया सामने, बलात्कार एवं कई संगीन जुर्म का आरोपी!

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लखनऊ: गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में जिस डॉक्टर कफील अहमद खान को मीडिया ने रातों-रात मसीहा बना दिया है. उसके बारे में अब एक के बाद एक बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिसे देख देशभर की जनता को अपनी आँखों पर भरोसा नहीं हो रहा है कि कल तक जिसे वो भगवान् का रूप समझ रहे थे, वो तो छठा हुआ बदमाश निकला. सात खुलासों से अपने फैलाये जाल में खुद ही फंस गया मीडिया का मसीहा.

पहला खुलासा:- बलात्कार का आरोप
गोरखपुर हादसे में जिस डॉक्टर को मीडिया ने फरिश्ता बना दिया उस के ऊपर पहले एक कुकर्म अर्थात बलात्कार का आरोप लग चुका है! एक महिला नर्स ने उस पर अपने ही क्लीनिक में बलात्कार का आरोप लगाया था जिसके बाद ये डॉक्टर पहली बार सुर्खियों में आया था , अपने उस मामले को इसने बेहद साजिशन दबवा दिया था और वहीँ से इसको मीडिया आदि के साथ पेश होना और गलत को सही साबित करना आया था जिसका इतेमाल इसने इस गोरखपुर के बेहद संवेदनशील मामले में खुद को चर्चित करने के लिए बाखूबी किया था . सूत्रों की माने तो ये आरोपी डाक्टर बलात्कार के इस मामले में कफील एक साल तक जेल की हवा भी खा चुका है।

दूसरा खुलासा:- सरकारी नौकरी में रहते हुए खुद का प्राइवेट क्लिनिक
सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर कफील खुद का अपना क्लिनिक भी खोल रखा है! जहाँ ये सरकारी अस्पताल से कहीं ज्यादा समय और ध्यान देता है जबकि इसकी जिम्मेदारी सरकारी अस्पताल के दायित्व की ज्यादा थी! सवाल ये है कि जब ये बईमान डॉक्टर सुबह से रात तक अपने प्राइवेट नर्सिंग होम में मरीजों को देखता है तो मेडिकल कॉलेज में क्या करता है? सरकारी मेडिकल कॉलेज मेंनौकरी केवल कमीशनखोरी के लिए ज्वाइन की हुई है?

तीसरा खुलासा:- BJP और पीएम मोदी से नफरत
डॉक्टर का एक ट्विटर पोस्ट वायरल हो रहा है जो की यूपी चुनाव के वक़्त का बताया जा रहा है! तब डॉक्टर कफील ने खुलकर पीएम मोदी के खिलाफ जहर उगला था! ये कभी नहीं चाहता था कि बीजेपी सरकार सत्ता में आये, इसीलिए मोदी को हत्यारा बताते हुए इसने अखिलेश के समर्थन में वोट करने की अपील भी की थी!

चउथा खुलासा:- बलात्कार के आरोप में जेल
बलात्कार के केस में 30 जनवरी 2016 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसे अवमानना का मामला मानते हुए तत्कालीन गोरखपुर के एसएसपी लव कुमार को आदेश दिया कि वो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराएं! तब जाकर एसएसपी ने कोतवाली थाने के एसओ को आदेश दिए और बलात्कारी डॉक्टर कफील अहमद को गिरफ्तार किया गया! कुछ दिन बाद जमानत पर छूटकर कफील ने फिर से अपना धंधा शुरू कर दिया। अभी रेप का मामला कोर्ट में चल रहा है!

पांचवा खुलासा: दिल्ली पुलिस भी कर चुकी है गिरफ्तार
डॉक्टर कफील २००९ में किसी और के बदले परीक्षा देते पकड़ा गया था, तब इसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था और तिहार जेल भेज दिया था! जेल जाने के बाद फिर तिस हजारी कोर्ट से बैल कराई गई थी!

कफील के ट्विटर अकाउंट की ओर नज़र डालेंगे तो दिखेगा कि ये आये दिन लड़कियों और बॉलीवुड हीरोइनों को लेकर अभद्र और अश्लील ट्वीट करता है. हालांकि ये बात सामने आते ही इसने अपने ट्विटर अकाउंट को प्राइवेट कर लिया है, लेकिन हमने स्क्रीनशॉट ले लिए हैं. जिन्हे आप नीचे पढ़ सकते हैं!

ज्ञात हो कई मासूमो की असमय मौत से अचानक ही सुर्ख़ियों में आया गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर कफील अहमद खान कोई हीरो नहीं बल्कि एक हैवान है जिसपर कई तरह के मुक़दमे पहले से ही चल रहे है! मीडिया तो बस अपनी सुर्खियों के लिए हीरो बना रही थी!

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गोरखपुर हादसा : मीडिया के बनाये हीरो डॉक्टर कफील की खुली पोल, खुलासा आपको झकझोर देगा !

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*गोरखपुर का डॉक्टर कफील हीरो नहीं असल में वह तो है बड़ा खलनायक*
शुक्रवार को दिन में टाई-कोट पहने डॉ कफील रोते-बिलखते परिजनों के आसपास खड़े होकर रोनी सूरत बनाकर तस्वीरें खिंचाते रहे। मेडिकल कॉलेज के कई कर्मचारी उनके इस तमाशे के गवाह हैं।

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कई बच्चों की मौत के बाद जिस डॉक्टर कफील अहमद को हीरो बनाने की कोशिश हो रही है उनकी सच्चाई भी सामने आ रही है। मेडिकल कॉलेज से जुड़े कई लोगों ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर हैरानी जताई है जिनमें कफील को किसी फरिश्ते की तरह दिखाया गया है। जबकि सच्चाई बिल्कुल अलग है। डॉ कफील मोहम्मद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इन्सेफेलाइटिस डिपार्टमेंट के चीफ नोडल ऑफिसर हैं। वो मेडिकल कॉलेज से ज्यादा अपनी प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए जाने जाते हैं।

आरोप है कि वो अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर चुराकर अपने निजी क्लीनिक पर इस्तेमाल किया करते हैं| मिली जानकारी के मुताबिक कफील और प्रिंसिपल राजीव मिश्रा के बीच गहरी साठगांठ थी और दोनों इस हादसे के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं। लेकिन बच्चों की मौत के बाद उसने मातम मना रहे कुछ मां-बाप के पास खड़े होकर रोनी सी शक्ल बनाकर फोटो खिंचवा ली और अपने करीबी पत्रकारों की मदद से फर्जी खबरें छपवा दीं।

मीडिया में पैठ का उठाया फायदा!
डॉ. कफील मेडिकल कॉलेज की खरीद कमेटी का मेंबर है। उसे भी ऑक्सीजन सप्लाई की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी थी। दो दिन पहले जब सीएम योगी आदित्यनाथ मेडिकल कॉलेज के दौरे पर आए थे वो भी उनके इर्द-गिर्द घूम रहा था। लेकिन उसने भी उन्हें ऑक्सीजन की बकाया रकम के बारे में कुछ नहीं बताया।

मेडिकल कॉलेज के कई कर्मचारियों और डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है कि डॉक्टर कफील वहां होने वाली हर खरीद में कमीशन लेता था और उसका एक तय हिस्सा प्रिंसिपल राजीव मिश्रा तक पहुंचाता था। ऑक्सीजन कंपनी पुष्पा सेल्स के साथ चल रहे विवाद में भी राजीव मिश्रा के साथ कफील का बड़ा हाथ था। हमने जितने लोगों से भी बात की उनमें से ज्यादातर का यही कहना था कि डॉक्टर राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी पूर्णिमा शुक्ला और डॉ. कफील अहमद सारे हादसे के असली दोषी हैं।

कुछ सबूत
कफील अहमद का प्राइवेट अस्पताल

कफील की भूमिका की जांच जरूरी
मेडिकल कॉलेज के कई कर्मचारियों ने हमें बताया कि शुक्रवार को जब बच्चों की मौत की खबर पर हंगामा मचा तो कफील अपने प्राइवेट अस्पताल में थे। वहां से उन्होंने कुछ सिलेंडरों को अस्पताल भिजवा दिया। क्योंकि ये वो सिलेंडर थे जो वो खुद मेडिकल कॉलेज से चोरी करके ले गए थे। उन्होंने मीडिया को बताया कि इन सिलेंडरों का इंतजाम उन्होंने अपनी जेब से किया है।

जबकि ऐसा कुछ नहीं था। एक डॉक्टर जो खुद परचेज कमेटी का मेंबर हो वो ऐसा करने के बजाय सरकारी तरीके से पहले ही सिलेंडर खरीद सकता था। दिन में भी जब मीडिया पहुंची तो बार-बार कफील ही बाहर आकर मीडिया से बात करने लगे। जबकि वो इसके लिए अधिकृत नहीं हैं। बाकी डॉक्टरों का ध्यान बच्चों की देखभाल में था, लेकिन कफील का ध्यान मीडिया पर था। आखिरकार उन्होंने अपने बारे में झूठी खबरें प्लांट करके खुद को पूरे वाकये का हीरो बनवा ही लिया।

ऐसी तमाम फर्जी खबरें मीडिया में छपी हैं। इन्हें देखकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और कर्मचारी हैरान हैं कि खुद प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाला और ऑक्सीजन खरीद के लिए जिम्मेदार व्यक्ति कैसे हीरो बन गया। सूत्रों से यह भी पता चला है कि डॉक्टर का भाई इमरान गोरखपुर के किसी साप्ताहिक अखबार में कार्य करता है और मीडिया में इसी रिश्ते का दुरूपयोग कफील ने खुद को हीरो बनाने के लिए किया है ..

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Video : जब सुषमा स्वराज ने भरे सदन में लालू यादव को बुरी तरह धो डाला !

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बिहार का नाम सुनते ही लालू प्रसाद यादव का जिक्र ज़हन मे आजाता हैं क्योंकि यही वो नेता हैं जो बिहार में कई सालों से राज कर रहे रहे थे लेकिन बिहार की स्थिति कभी नही बदली। लालू परिवार ने वहां पर विकास के नाम पर बस अपनी जेबें भरी हैं। लालू यादव तो चारा घोटाले में जेल की हवा भी खा चुके हैं।

और लालू यादव के औलादों के नाम कई घोटाले में उजगर हो चुके हैं। जिसकी वजह से वहां पर गठबंधन की सरकार टूट गयी और तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव का मंत्री पद भी छिन गया। एक तरह से कहा जा सकता है कि लालू यादव की पोल पुरे देश के सामने खुल गयी। लालू यादव जब भाषण भी देते हैं तो कभी भी सोच समझकर नही बोलते ।

अब् बात करते हैं सुषमा स्वराज की। ये मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं। जो भी जरूरत मंदो की तुरंत सहायता करती है। विदेश में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए वो हर कोशिश करती हैं। यहाँ तक की पाकिस्तानी भी उनके दरियादिली के कायल हैं। क्योंकि सुषमा अपना फ़र्ज़ बड़ी ईमानदारी से निभाती हैं।

लेकिन ये तो सभी जानते हैं कि इंसान कितना ही अच्छा क्यों ना हो उनके विरोधी और आलोचक भी होते हैं। इसलिये वाजिफ सी बात है कि सुषमा जी के भी आलोचक होंगे। लेकिन सुषमा जी जब भी भाषण देती हैं अपने आलोचकों को मुँह तोड़ जवाब देने में जरा भी नहीं कतराती। जब वो की हैं तो अच्छे खासों की हवा टाइट हो जाती है। कोई भी जवाब देने वाला नही रहता।

क्योकि सुषमा जी ईमानदार के साथ अपनी बात सबके सामने रखती है। जिनमे की तर्कता होती हैं । जो बातें सामने वालों की सही से संमझ आसके। खैर सुषमा जी की अच्छाई बताने का फायदा नही ये तो सभी बखूबी जानते हैं।

एक वीडियो हम आपको दिखाने जारहे हैं जिसमे लालू यादव भरे सदन में सुषमा स्वराज पर तंज कसा जो की शायरी में था। लालू यादव ने सुषमा स्वराज पर शायरी करके तंज कसा । लेकिन उसके बाद जो हिया वो काफी हैरान कर देने वाला था। सुषमा स्वराज ने बोलकर जवाब देना उचित नही समझा और शायरी में लालू यादव को मुँहतोड़ जवाब दिया।

देखें वीडियो।

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मुस्लिम एक्टर ने मोदी और योगी की लगाई क्लास, कहा- बेऔलाद क्या जाने औलाद खोने का डर..

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गोरखपुर: उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में माशूम बच्चो की मौत ने प्रदेश की राजनीती में भूचाल खड़ा कर दिया है! एक बात सत्य है की किसी ने तो लापरवाही बरती है जिससे कितने घर सुने हो गए! वाकई यह घटना माफ़ करने लायक नहीं है, लेकिन कुछ राजनीतिक पार्टिया इस मसले पर भी राजनीतिक रोटियां सेकने से बाज नहीं आ रही है! और कुछ ऐसे लोग भी यही जो ऐसे मौको पर सीधे मोदी जी पर भी आरोप लगाने से नहीं चूकते!

गौरतलब है की गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 5 दिनों में कम से कम 60 बच्चों की मौत हुई है। जिसे देखते हुए यूपी सरकार ने मेजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं! बाल चिकित्सा केंद्र में बच्चों की मौतों के लिए इंफेक्शन और ऑक्सीजन की सप्लाई में दिक्कत को जिम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन अस्पताल और जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी को मौत का कारण मानने से इनकार किया है!

संयोग से, राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने दो दिन पहले मेडिकल कॉलेज का दौरा किया था और बाल चिकिस्ता केंद्र निरीक्षण किया था! यही नहीं उन्होंने 10 बेड वाले आईसीयू, 6 बेड वाले क्रिटिकल केयर यूनिट का उद्धाटन किया था तथा जापानी एन्सेफलाइटिस वायरस से ग्रस्त बच्चों के वार्ड का दौरा किया! लेकिन अस्पताल की और से उन्हें ऑक्सीजन की कमी को लेकर किसी ने जानकारी नहीं दी! इस घटना के बाद पुरे देश में आक्रोश का माहौल बना हुआ है!

इसी कड़ी में बिग बॉस से सुर्खियों में आए बॉलीवुड के सी ग्रेड एक्टर एजाज खान ने गोरखपुर में घाटे इस भयावह घटना पर अपना राय व्यक्त किया है! एजाज खान ने एक वीडियो बनाया है और योगी सरकार और मोदी जी को निशाना पर लेते हुए जमकर अपनी भड़ास निकाली है! गुस्सा जायज है लेकिन किसी राज्य के CM और देश के प्रधानमंत्री के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना कही से सोभा नहीं देता! एजाज खान हमेशा से पीएम मोदी और यूपी के CM योगी जी के खिलाफ सोशल मीडिया के जरिये अपनी भड़ास निकलते रहे है!

देखिये एजाज खान ने मुख्यमंत्री योगी और पीएम मोदी के लिए क्या खा और कैसी भाषा का इस्तेमाल किया है, देखिये ये वीडियो:-

आपको बताना चाहेंगे की अभी कुछ महीनो पहले एक्टर एजाज खान ने एक वीडियो के जरिए गोरक्षकों पर हमला बोला था! एजाज खान ने इस वीडियो के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा था! वीडियो में एजाज खान कह रहा था कि वे लोग इंसानों को मार रहे हैं लेकिन अगर वो सच में मर्द हैं तो वे लोग हार्ले डेविडसन को भारत में बंद करके दिखाएं जो कि गाय की चमड़ी वाली बेल्ट और बाकी सामान बेच रही है!

एजाज खान ने धमकी भरे अंदाज में पीएम मोदी और सीएम योगी से हार्ले डेविडसन बंद करने की बात करता हैं! वीडियो में एजाज हिंदू और मुसलमानों को लड़ाने का आरोप भी लगाते हैं! एजाज ने कहा कि कुछ लोग भारत में दंगे करवाना चाहते हैं!

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PM मोदी के सामनें बोलने से घबरा गया ये युवा सांसद, देखिए पीएम ने क्या किया..

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नई दिल्ली: भारत के राजनीती में नरेंद्र दामोदर दास मोदी आज एक ऐसा नाम बन चूका है की देश का हर युवा नेता नरेंद्र मोदी को अपना आदर्श मानता दिख रहा है तो दूसरी ओर देश के युवावो में नरेंद्र मोदी की पहचान अबतक की सबसे लोकप्रिय नेता के तौर पर उभर रही है! आज बच्चे बच्चे के जुबान पर नरेंद्र मोदी का नाम है, ये सिर्फ इसलिए नहीं की वो भारत के प्रधानमंत्री है! नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह उनका व्यक्तित्व है! नरेंद्र मोदी हर कठिन से कठिन मसले पर सयम से काम लेते हुए सटीक कदम उठाते है और देश को उन्नति के रस्ते पर निरंतर आगे बढ़ा रहे है!

दोस्तों नरेंद्र मोदी एक कुशल नेता के साथ साथ एक अच्छे वक्त भी है! आज जहा एक तरफ PM मोदी से देश का हर नागरिक मिलने की ख्वाहिस रखता है तो वहीँ दूसरी तरफ उनसे सवाल पूछने या बात करने से बड़े-बड़े पत्रकार और नेता सोचते है की कही उल्टा उनका सवाल उन्ही के पल्ले न पद जाये! नरेंद्र मोदी को हमने बहुत से रूप में देखा है वे हमेशा से देश की सेवा करते आए है उनके लिए देश से बढ़कर और कुछ नही है!

अगर हम बिपक्ष की बात करे तो शायद ही कभी कांग्रेस या अन्य विपक्ष दल ये समझ पाएंगे की नरेंद्र मोदी का एक ही मकसद है देश की उन्नति और भारतीयों का उत्थान! लेकिन काँग्रेस तो सिर्फ देश के विकाश में बढ़ा उत्पन्न करना जानती है! क्योंकि उन्हें तो PM मोदी पर निशाना साधने व् उन्हें बदनाम करने के अलावा दूसरा कोई काम ही नही है!

नीचे हम आपको संसद का एक विडियो दिखाने जा रहे है जिसमे एक सांसद ने पहली बार भाषण दिया और वह PM मोदी के सामने ढंग से बोल नही पा रहा था तब लोगों ने देखिये किस तरह उस सांसद का हौसला बढ़ाया, देखें विडियो!

आज भारत के साथ अपने सम्बन्ध अच्छे बनाने के लिए सभी देश लगातार प्रयास कर रहे है हर देश चाहता है कि वह भारत के साथ व्यापार करे! भारत इतना शक्तिशाली हो गया है कि कोई भी देश इससे दुश्मनी लेने से पहले 100 बार तो जरुर सोचता है! हमे लगता है अगर देश का इसी तरह से विकास होता रहा तो एक बार फिर से भारत सोने की चिड़िया कहलाया जा सकता है! लेकिन अभी भी कुछ ऐसे लोग है देश की उन्नति चाहते ही नही है!

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अयोध्या के जाने-माने ज्योतिषाचार्य हरिदयाल मिश्र ने मोदी को लेकर की ये बड़ी भविष्यवाणी!

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अयोध्या साधु संतो की नगरी, जहा एक से बढ़कर एक ज्ञानी हिन्दू साधु संत देखने को मिलते है इनमे से कई संत ऐसे है जो भविष्य में घटित होने वाली घटनाओ और चीजो को आज के तारीख में बता देते है उन्ही में से एक अयोध्या के जाने माने ज्योतिषाचार्य हरिदयाल मिश्र है जिन्होंने नरेंद्र मोदी पर भविष्यवाणी की है! ये हमेशा से अपने सटीक भविष्यवाणी के वजह से चर्चा में रहते है, उन्होंने आगामी चुनावों पर नरेंद्र मोदी से सम्बंधित बड़ी भविष्यवाणी की है!

इससे पहले ज्योतिषाचार्य हरिदयाल मिश्र ने संजय गाँधी और इंदिरा गाँधी की मौत सहित बहुत सी बड़े से बड़ी राजनैतिक भविष्यवाणियां कर राखी है और आगे चलकर वह सत्य साबित हुई है इस वजह से इस भविष्वयवाणी को हम हलके में नहीं ले सकते, आखिर बाबा ने नरेंद्र मोदी को लेकर ऐसा क्या कह दिया की ये कहर सभी अखबार और न्यूज़ चैनल में सुर्खिया बानी हुयी है!

हम आपको बता दें की हरिदयाल मिश्र ने कुछ समय पहले सोनिया गाँधी के साथ बैठकर उनको भी कांग्रेस पार्टी के आने वाले दिन और दुर्दशा के लिए सचेत किया था!

लेकिन इस बार की भविष्यवाणी प्रधानमंत्री मोदी से सम्बंधित है इसलिए चारो ओर चर्चा का विसय बना हुआ है! इन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी के लिए भविष्यवाणी की है, ऐसी भविष्यवाणी जिसे सुनकर आप हैरान रह जायेंगे साथ ही राहुल गाँधी के लिए भी बोल डाले! देखिये ये मोदी जी की भविष्यवाणी खुद हरिदयाल मिश्र की ज़ुबानी. और राहुल गाँधी पर दिया यह जवाब!

देखिये विडियो:

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गोरखपुर काण्ड में योगी सरकार को टारगेट करने की साजिश का हो गया खुलासा, पढ़े पूरी खबर….

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इस समय देश की मीडिया हो या फिर सोशल मीडिया इसमें एक ही बात चल रही है वो उत्तरप्रदेश के गोरखपुर के अस्पताल में हुई बच्चों की मौते। हर कोई अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहा है लेकिन कुछ नेता और मीडिया कर्मी इस बात का राजनीतिकरण करके यूपी के CM योगी को टारगेट कर रहे हैं। CM योगी ने भी मामले की जाँच कर उचित कार्यवाही का अस्वासन दिया है।

उत्तरप्रदेश के स्वास्थयमंत्री सिद्धार्थ सिह ने गोरखपुर में हुवे इस झकझोर देने वाले काण्ड पर अपनी सफाई पेश की। और कहा कि बाबा रामदास मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों के मौत ऑक्सीजन की कमी कर कारण नही हुई। बल्कि हर साल इसी अस्पताल में इंसेफेलाइटिस नामक बीमारी की वजह से 500-600 बच्चों की मौत होती है । इस कारण यह है कि बच्चो यहाँ पर काफी गंभीर अवस्था में लाया जाता है ।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि इंसेफेलाइटिस बीमारी की वजह से इस मेडिकल कॉलेज में उत्तरप्रदेश के अलावा बिहार और नेपाल तक से बच्चे आते हैं। सबसे अहम बात यह है कि उन्हें लास्ट स्टेज पर लाया जाता है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जब 19 अगस्त को लिक्विड ऑक्सीजन कम हो गयी तो ऑक्सीजन सिलेंडर लगा कर काम चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि हर वर्ष अगस्त महीनें में अधिक बच्चों की मौत होती है, अगस्त 2014 में 587 बच्चों की मौत हुई, अगस्त 2015 में 680 बच्चों की मौत हुई, अगस्त 2016 में 587 बच्चों की मौत हुई. यह मौतें गंभीर हालत की वजह से हुई हैं, ऑक्सीजन की कमीं की वजह से एक भी मौत नहीं हुई. उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में हर दिन करीब 17-18 मौतें होती हैं क्योंकि लोग लास्ट स्टेज पर अपने बच्चों को लाते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 7 अगस्त को 9 बच्चों की मौत हुई, 8 अगस्त को 12 बच्चों की मौत हुई, 9 अगस्त को 9 बच्चों की मौत हुई और 10 अगस्त को 23 बच्चों की मौत हुई. मीडिया ने 7, 8, 9 अगस्त को बच्चों की मौत के बारे में कोई खबर नहीं छापी लेकिन 10 अगस्त को उन्होंने सभी मौतों को जोड़कर बड़ी खबर बना दी जिसकी वजह से देश के लोगों का इस पर ध्यान चला गया और योगी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गयी. मीडिया का एक तबका पैसे के लिए कुछ भी करने को तैयार है. इन्हें सिर्फ बड़ी खबर चाहिए.

आप खुद देखिये, अखिलेश के समय में अगस्त में ही 600-700 मौतें होती थीं , अगर रोजाना का औसत निकालें तो 20 मौतें रोज होती थीं लेकिन मीडिया ने कभी भी बड़ी खबर नहीं बनाई लेकिन योगी सरकार में एक दिन में 23 मौतें हुईं तो चार दिन की मौतों को एक साथ जोड़कर बड़ी संख्या दिखाकर बड़ी खबर बना दी गयी ताकि विपक्ष को योगी सरकार के खिलाफ मुद्दा मिल जाए.

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