अखलाक को 45 तो शहीद एसओ को 20 लाख क्यों? ये कैसा इंसाफ

मथुरा: यूपी के प्रशासन तन्त्र और मथुरा के आस पास के सभी भूमाफियाओं को यह ज्ञात था की 2 साल पहले इस बाग में घुसे रामबृक्ष यादव और उनके अनुयाइयों को सैफई परिवार के समाजवाद का संरक्षण प्राप्त था! गुरुवार शाम को उस समय बवाल मच गया जब मथुरा के जवाहरबाग में सरकारी जमीन पर से अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस टीम पर अतिक्रमणकारियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई! बता दें कि इस दौरान मथुरा एसपी सिटी और एसओ थाना इंचार्ज को गोली लग गई, लेकिन पुलिस प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया जब इलाज के दौरान एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और SO संतोष कुमार यादव की मौत हो गई! इसके अलावा आधा दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हुए है!
.
akhiles-yad

मुख्यमंत्री अखिलेश की मदद पर जनता का बड़ा सवाल?

आपको बता दें कि एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और SO संतोष कुमार यादव की मौत के बाद मथुरा की जनता ने सरकार से मांग की है कि दोनों शहीदों के परिवार को सरकार की तरफ से एक-एक करोड़ रुपया मिलना चाहिए। जनता का सवाल है कि जब फ्रीज़ से गौ मांस मिलने वाले अख़लाक़ को सरकार 45 लाख का मुआवजा दे सकती है तो फिर शहीद एसओ के परिवार को मात्र 20 लाख का मुआवजा क्यों?
Source