मुहर्रम को लेकर ‘राणा आयूब’ के पूछे सवाल पर यूज़र्स ने दिये मजेदार जवाब, बोले दिवाली..

मुहर्रम का महीना इस्लाम मे माना जाने वाला पहला महीना होता है इस्लाम मे इसे पाक महीना माना जाता है। दूसरी भाषा मे इसे हिजरी भी कहा जता है। जिसे मुस्लिम समुदाय के लोग मानते हैं। दरअसल इस्लाम मे हिजरी सन की शुरुआत इसी महीने से होती है। उनमें से एक पाक महीना मुहर्रम का होता है। मुहर्रम शब्द में हरम का मतलब होता है पाबंदी ओर इस्लाम मे उस सबसे खास जगह है। और देखा जाता है कि मुहर्रम की तारीख़ हर साल अलग अलग ही होती है।क्योंकि इस्लाम का कलेंडर एक लूनर कलेंडर होता है।

इस दिन शिया समुदाय के लोग काले कपड़े पहनते हैं, वहीं अगर बात करें मुस्लिम समाज के सुन्नी समुदाय की तो वह इस दिन तक रोजे में रहते हैं। दरअसल रमजान महीने के अलावा, मुहर्रम को सबसे पाक समय रोजे के लिए बताया जाता है। हजरत मोहम्मद के साथी इब्ने अब्बास के मुताबिक जिसने मुहर्रम के 9 दिन तक रोजा रखा, उसके दो साल के गुनाह माफ हो जाते हैं और मुहर्रम के एक रोजे का सबाब 30 रोजों के बराबर मिलता है।

इस तरह से दिलचस्प बात है कि मुहर्रम कोई त्योहार नहीं है, बल्कि यह तो मातम मनाने का दिन है। जिस दिन शहीद हुए अल्लाह के बंदों की रुह के सुकून की दुआ मांगी जाती है। इसके साथ ही हमें यह सीख भी मिलती है कि मजहब की राह पर चलकर अगर आपको शहादत भी मिले तो धर्म की राह पर कुर्बान होने से घबराना नहीं चाहिए। राणा आयूब ने पूछा कि ‘हैप्पी मोहर्रम’ लिखने वालों को कैसा जबाब मिलना चाहिए…

देखें राणा अयूब का ट्वीट।

राणा अयूब के इस बेतुके ट्वीट की वजह से वो यूज़र्स के निशाने पर आगयी । यूज़र्स ने ऐसे ऐसे जवाब दिए कि उसके चेहरे के रंग उड़ गए होंगे। आप भी देखें यूज़र्स की शानदार मुँहतोड़ जवाब !