राम मंदिर पर सिब्बल की दलीलों पर ‘सुन्नी बफ्त बोर्ड’ का खुलाशा, कांग्रेस को महंगी पड़ी चुनावो की दुहाई!

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई अगले लोकसभा चुनाव तक टालने की दलील देने वाले वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल चौतरफा सबके निशाने पर आ गए हैं! न सिर्फ प्रधानमंत्री बल्कि बीजेपी के बाद अब सुन्नी वक्फ बोर्ड ने खुद सिब्बल से किनारा कर लिया है। आपको बता दें कि सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से मामले की पैरवी कर रहे सिब्बल ने यह दलील कोर्ट में दी थी!

सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य और बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने सिब्बल के बयान को गलत करार देते हुए कहा, ‘हां, कपिल सिब्बल हमारे वकील हैं, लेकिन वह एक राजनीतिक दल से भी जुड़े हुए हैं! सुप्रीम कोर्ट में दिया गया उनका बयान गलत है! हम इस मसले का जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं। बता दें कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल ने कहा था कि इस मसले की सुनवाई को 2019 के आम चुनाव तक टाल देना चाहिए!

बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एक वकील होने के नाते कपिल सिब्बल दलीलें पेश कर सकते हैं लेकिन उन्हें नहीं भूलना चाहिए कि वह पूर्व कानून मंत्री रह चुके हैं! इस बात से उनका क्या मतलब है कि वह इस मसले को 2019 तक टालना चाहते हैं! इसका बाहर क्या असर होगा? यह कई मायनों में गैरजिम्मेदाराना और गलत है!

उनके इस बयान पर हमला बोलते हुए गुजरात की एक रैली में पीएम मोदी ने कहा कि आखिर 2019 में चुनाव कांग्रेस लड़ेगी या फिर सुन्नी वक्फ बोर्ड चुनाव लड़ेगा!

नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘ मुझे इस बात पर कोई आपत्ति नहीं है कि कपिल सिब्बल मुस्लिम समुदाय की तरफ से लड़ रहे हैं पर वह यह कैसे कह सकते हैं कि अगले चुनाव तक अयोध्या मामले का कोई हल नहीं होना चाहिए? इसका संबंध लोकसभा चुनाव से कैसे है?’ यही नहीं बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने सिब्बल की दलील के बहाने राहुल गांधी पर ही निशाना साधते हुए उन्हें ‘बाबर भक्त’ और ‘खिलजी का रिश्तेदार’ बता दिया!