बड़ी खबर : राम मंदिर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कपिल सिब्बल को दिया झटका, खुश हुए हिन्दू संगठन..

अभी अभी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला सुन्नी वक्फ़ बोर्ड की तरफ से खुद कांग्रेस के बड़े नेता जो बाबरी मस्जिद के लिए केस लड़ रहे हैं उन्होंने कोर्ट से मांग की थी की इस राम मंदिर मुद्दे की सुनवाई 2019 तक टाल दी जाए, यानी लोकसभा चुनाव के बाद सुनवाई हो जबकि बीजेपी हर दिन सुनवाई चाहती है कपिल सिब्बल की याचिका पर SC का इनकार अब कांग्रेस का असली चेहरा देश के सामने आ चूका है किस तरह से कांग्रेस कोशिश में है की राम मंदिर को किसी ना किसी तरह बनने से रोका जाए !

अयोध्या स्थित राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की तीन सदस्यीय विशेष पीठ चार दीवानी मुकदमों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 13 अपीलों पर सुनवाई कर रही है.अब तय हो चूका है जो बीजेपी बोल रही थी वो सच होने वाला है और जल्दी ही राम मंदिर बनने वाला है.

पूजा अर्चना शुरू हो चुकी है अब जल्दी ही राम मंदिर का निर्माण शुरू होने वाला है.जो बीजेपी इतने सालों से बोल रही है वो अब बीजेपी ही करके दिखाने वाली है बहुत जल्दी प्रभु श्री राम के दर पर हम जाने वाले हैं योगी जी शुरुआत कर चुके हैं करोड़ो रुपए अयोध्या के लिए देकर और अब कोर्ट के फैसले का इंतजार है जिस पर कोर्ट ने मोहर लगा दी है की अब सुनवाई नहीं रुकेगी.

कांग्रेस का भांडा फूट चूका है अब कांग्रेस का दिग्गज नेता राम मंदिर के खिलाफ केस लड़ रहा है.

जहाँ एक तरफ बीजेपी सरकार हर दिन इस मुद्दे पर सुनवाई चाहती है तो दूसरी और कांग्रेसी नेता और मुस्लिम समुदाय के तरफ से उनके हक़ के लिए केस लड़ रहे वकील कपिल सिब्बल इस केस की सुनवाई २०१९ लोकसभा चुनाव के बाद चाहता था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर बड़ा झटका दे दिया है कपिल सिब्बल को उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया है.कपिल सिब्बल की इस मांग के बाद अब बीजेपी नेता ने सीधा ट्वीट करते हुए कांग्रेस पर बार किया है ये बोलते हुए की कांग्रेस का भांडा फूट चूका है और वो किसी हालत में राम मन्दिर बनते नहीं देखना चाहती.

ये देखो कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल बाबरी मस्जिद की पैरवी कर रहा है उनका वकील बना है और राहुल गाँधी गुजरात में नौटंकी कर रहा है मंदिर जाने की.

इस मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट के सामने इलाहाबाद हाई कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों को पढ़ा. वहीं उत्तर प्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटिर जनरल तुषार मेहता ने सिब्बल के इन दावों को गलत बताया. मेहता ने बेंच से कहा, सभी संबंधित दस्तावेज और जरूरी अनुवादित कॉपियां जमा की जा चुकी हैं.

केंद्र सरकार ने बिना स्थगन के इस मामले की रोज सुनवाई की मांग की. वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि इस मामले की सुनवाई 2019 लोकसभा चुनाव के बाद जुलाई में की जाए. सिब्बल ने दलील दी कि इस मसले को 2019 चुनाव में उठाया जा सकता है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया !