बाबरी मस्जिद की पैरवी सिब्बल कर रहे है-सबको पता है, हिन्दुओं के तरफ से राम मंदिर के वकील कौन है?

क्या आपको पता है की सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के केस को कौन लड़ रहा है? हिन्दुओं की आस्था भगवन राम में है और यह बात जग जाहिर है की भगवन श्री राम का जन्म अयोध्या में हुआ था! अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद में 2 पक्ष है, एक ओर हिन्दू है जो राम मंदिर चाहते है तो वही दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष बाबरी मस्जिद बनवाने पर अड़ा हुआ है!

अब इन दोनों ही पक्षों की तरफ से कुछ वकील सुप्रीम कोर्ट में इस केस की पैरवी कर रहे है, जहाँ राम मंदिर के लिए जितने भी वकील है वो सभी हिन्दू है, कोई भी मुस्लिम वकील राम मंदिर के साथ नहीं है! तो वही दूसरी ओर बाबरी मस्जिद के पक्ष में सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरह से जितने भी वकील है उनमे 60% मुस्लिम है, परन्तु 40% ऐसे भी वकील है जो हिन्दू धर्म से ताल्लुक तो रखते है लेकिन राम लल्ला के मंदिर बनाने के खिलाफ केस लड़ रहे है!

और आप जानकार चौंक जायेंगे की मुस्लिम पक्ष का जो मुख्य वकील है वो कोई और नहीं बल्कि कपिल सिब्बल है, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अपना मुख्य वकील कपिल सिब्बल को रखा है, कपिल सिबल के नेतृत्व में ही अन्य वकील मुस्लिम पक्ष की ओर से बाबरी मस्जिद की पैरवी कर रहे है!

यह जानकारी हमे युवा और उभरते हुए वकील प्रशांत पटेल के ट्वीट से प्राप्त हुयी, उन्होंने इस केस की सुनवाई से जुडी हर जानकारी अपने ट्विटर अकाउंट से लोगो के साथ शेयर किया! प्रशांत ने ही अपने ट्वीट में लिखा था कि, मुस्लिम पक्ष की ओर से जो वकीलों की टीम है उसमे 60% वकील तो मुस्लिम है परन्तु 40% हिन्दू नामो वाले वकील भी है!

जानिए हिन्दुओं की तरफ से इस केस की पैरवी कौन कर रहा है-

हिन्दुओं की तरफ से पैरवी कर रहे वकील हरीश सालवे भारत के प्रसिद्ध वकील हैं! वे भारत ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे महंगे वकीलों में से एक हैं! हरीश साल्वे आज किसी पहचान को मोहताज नहीं है! उन्होंने कुलभूषण जादव के केस में शाबित कर दिया था की वो राष्ट्र के लिए कुछ भी कर सकते है उसके लिए फ़ीस की जरुरत नहीं! और अब जब बात धर्म की आयी तो एक बार फिर हरीश साल्वे राम मंदिर का केस लड़ रहे है!

कुलभूषण जादव केस के समय मीडिया में खबर थी की हरीश साल्वे ने कुलभूषण जाधव का केस लड़ने के लिए मात्र 1 रुपये फ़ीस लिए था! वाकई यह कबीले तारीफ बात है कि भारत के एक बेटे को बचाने के लिए देश के एक बड़े वकील ने मात्र एक रुपये फ़ीस ली! इस वजह से साल्वे की मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी लोगो ने जमकर तारीफ की थी!

मुस्लिम और हिंदू पक्ष के वकीलों की दलीलेें
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार राम मंदिर मामले में अगली सुनवाई 8 फरवरी 2018 को होगी! मंगलवार को सुनवाई के दौरान तीन जजों की बैंच ने अगली सुनवाई तक दोनों पक्षों को दस्‍तावेज जोड़ने को कहा है! इससे पहले मुस्लिम पक्ष की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने मामले की सुनवाई 2019 के चुनावों के बाद करने की मांग की थी! जिसे कोर्ट ने ठुकरा दिया!

मुस्लिम पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि राजनीतिक फायदे के लिए मामले की सुनवाई में जल्‍दी की जा रही है! इसके जवाब में हिंदू पक्ष ने लंबे समय से केस के पेंडिंग रहने की दलील दी. जजों ने इस मांग को ठुकरा दिया!

सिब्‍बल के सवाल
बाबरी मस्जिद की पैरवी करने वाले वकील कपिल सिब्‍बल ने आरोप लगाया कि यह मामला लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग था. इसे अब सुनवाई के लिए क्‍यों लाया गया है. मामले को कुछ महीनों में पूरा करने की जल्‍दबाजी क्‍यों! चुनावी घोषणापत्र में कहा गया था कि 2019 से पहले कानूनी तरीके से राम मंदिर का निर्माण कर दिया जाएगा! और सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुरू कर दी! और कोर्ट अब मामले को जल्‍दी समाप्‍त करने के लिए बेवजह की जल्‍दी कर रहा है. ऐसा नहीं होना चाहिए!

साल्‍वे के जवाब
हिंदू पक्ष की ओर से हरीश साल्‍वे ने कहा कि यह एक सामान्‍य सा मामला भर है और तीन जजों द्वारा ही इस पर फैसला होना चाहिए. इसे संवैधानिक पीठ को भेजे जाने की जरूरत नहीं है. यह केस सात साल से पेंडिंग था इसलिए यदि सुप्रीम कोर्ट इस पर जल्‍दी फैसला कर रहा है तो गलत क्‍या है